कथा में सजाई श्रीकृष्ण रूकमणी विवाह की मनमोहक झांकियां

निसं
मुकुन्दगढ़ (नवयत्न) । मुकुन्दगढ़ के वार्ड नं 1 शिवालय में चल रही सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण रूकमणी विवाह की मनमोहक झांकियां सजाई गई। व्यास पीठ से चित्रकूट के अवधेश शास्त्री ने कथा के छठे दिन महारास लीला, कंस मर्दन एवं श्रीकृष्ण रूकमणी विवाह के प्रसंग में सुनाया कि भगवान श्री कृष्ण ने गोपियों के साथ श्री धाम वृंदावन मे महारास लीला की तब स्वयं भोले नाथ भी महारास लीला मे समिल्लित हुए महा रास का तात्पर्य जीव ओर ब्रम्हा का मिलन ही महा रास लीला है। भगवान ने पाप अधर्म रूपी कंश वध किया। अपने माता पिता देवकी वसुदेव को कारागार से मुक्त करवाया । जरासन्द ने 17 वार मथुरा पर चढ़ाई करवाई व भगवान श्री कृष्ण ने 18 वी वार जरासन्द को परास्त कर मथुरा को छोडकर स्वयं ब्रह्मणों की रक्षा करने के लिए द्वारिका पहुँचे । भगवान श्रीकृष्ण ने 16 हजार 108 रानियों से विवाह कर बड़ी धूमधाम से रुक्मणी मंगल विवाह उत्सव हुआ। आरती कर श्रदालुओं मे प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर समाजसेवी दिलीप मीणा, बसंत पारीक, दिनेश चेजारा, रामरतन गुर्जर, संजय शर्मा, नितिन शर्मा , संतोष देवी, सरोज देवी, धापू देवी, मंजू देवी, मुन्नी देवी सहित बड़ी संख्या मे श्रद्धालु जन मौजूद रहे।

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