म्यूल हंटर अभियान : साइबर गिरोह पर बड़ा प्रहार करते हुए किए 23 आरोपी गिरफ्तार

डी. के. सैनी
जयपुर (नवयत्न) । पुलिस कमिश्नरेट जयपुर (पश्चिम) में चलाए जा रहे ‘म्यूल हंटर अभियान’ के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 5 आरोपियों को बीएनएस की धारा 170 में पकड़ा गया है। यह कार्रवाई चित्रकूट, हरमाड़ा, चौमूं, दौलतपुरा, करधनी, कालवाड़, झोटवाड़ा, करणी विहार और बगरू थाना क्षेत्रों में की गई।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार गुप्ता के सुपरविजन में साइबर सेल टीम ने यह कार्रवाई की। अभियान मुख्य रूप से उन लोगों के खिलाफ चलाया गया, जो फर्जी (म्यूल) बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम का लेन-देन कर रहे थे।
करोड़ों की ठगी पर लगाम
प्रशांत किरण ने बताया कि जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच पुलिस ने साइबर ठगी के करीब 3 करोड़ 90 लाख रुपए संदिग्ध खातों में होल्ड करवाए। वहीं 1 करोड़ 35 लाख रुपए पीड़ितों को रिफंड कराए गए, जिससे कई लोगों को राहत मिली।
40 लाख के 212 मोबाइल बरामद
डीसीपी ने बताया कि मार्च-अप्रैल 2026 के दौरान सीईआईआर पोर्टल और तकनीकी सहयोग से 212 मोबाइल फोन (करीब 40 लाख रुपए कीमत) ट्रेस कर बरामद किए गए और उनके मालिकों को लौटाए गए।
जांच में 50 से अधिक म्यूल अकाउंट सामने आए हैं, जिन पर एनसीआरपी पोर्टल पर 125 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हैं। इन खातों में 35 करोड़ रुपए से अधिक के संदिग्ध लेन-देन के संकेत मिले हैं।
थाना क्षेत्रों में ऐसे खुलासे
म्यूल हंटर अभियान के तहत पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए कई साइबर ठगी गिरोहों का पर्दाफाश किया है।
चित्रकूट और बगरू थाना क्षेत्र में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को लालच देकर सट्टे में जोड़ रहे थे।
कालवाड़ और करणी विहार थाना क्षेत्र में फर्जी बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी करने वाले बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। आरोपी इन खातों के माध्यम से ठगी की रकम का लेन-देन कर रहे थे।
हरमाड़ा और दौलतपुरा थाना क्षेत्र में फर्जी ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए लोगों को ठगने वाले गिरोह को पकड़ा गया। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापन देकर लोगों से पैसे ऐंठते थे और बाद में संपर्क तोड़ देते थे।
चौमूं और करधनी थाना क्षेत्र में ई-मित्र एजेंसी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ये आरोपी बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाकर उनसे विभिन्न शुल्क के नाम पर रकम वसूलते थे।
झोटवाड़ा थाना क्षेत्र में एस्कॉर्ट सर्विस और बॉडी मसाज के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया। आरोपी सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों से लोगों को झांसे में लेकर उनसे अलग-अलग शुल्क के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे।
भारी मात्रा में सामान जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 4 लैपटॉप, 50 मोबाइल फोन, 51 सिम कार्ड, 26 एटीएम कार्ड, 3 क्रेडिट कार्ड, 15 पासबुक, 5 चेकबुक, 1 कार, 2 बाइक और करीब 1.38 लाख रुपए नकद सहित अन्य उपकरण जब्त किए।
जागरूकता पर भी जोर
साइबर जागरूकता अभियान के तहत मार्च-अप्रैल में 5 स्कूल-कॉलेजों में 3500 से अधिक लोगों को जागरूक किया गया।
जयपुर पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर अन्य आरोपियों की पहचान में जुटी हुई है।

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