हरित गौशाला अभियान बना मिसाल : गौवंश के बीच लहलहा रहे सैकड़ों पौधे, भीषण गर्मी में भी हरियाली बरकरार
निसं
बुगाला (नवयत्न) । बाबा सुन्दरदास गोपाल गोशाला जाखल आज केवल गौसेवा ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की भी एक प्रेरणादायी मिसाल बन चुकी है। गोशाला परिसर में पिछले दो वर्षों से लगातार पौधारोपण और उनकी देखरेख के परिणामस्वरूप आज करीब एक हजार पौधे लहलहा रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें से सैकड़ों पौधे गौवंश के बीच खड़े हैं, जिनका संरक्षण और पालन-पोषण अपने आप में एक बड़ी चुनौती माना जाता है। गोशाला कार्यकारिणी और प्रबंधन समिति द्वारा हर मौसम में इन पौधों की नियमित सार-संभाल की जाती रही है। भीषण गर्मी, पानी की कमी और खुले वातावरण जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद पौधों को सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयास किए गए, जिसके परिणामस्वरूप आज गोशाला परिसर हरियाली से आच्छादित नजर आता है। हरे-भरे पेड़ न केवल वातावरण को शुद्ध बना रहे हैं, बल्कि गौवंश को भी छाया और ठंडक प्रदान कर रहे हैं। गोशाला अध्यक्ष प्रताप सिंह मूंड ने बताया कि प्रारंभ से ही पौधों की देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा था, लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ पानी की आवश्यकता भी लगातार बढ़ रही थी। ऐसे समय में भामाशाह श्यामसुंदर सौंथलिया द्वारा पानी का टैंकर भेंट किया जाना गोशाला के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है। अब टैंकर के माध्यम से पौधों तक नियमित और पर्याप्त पानी पहुंचाया जा रहा है, जिससे भीषण गर्मी में भी सभी पेड़-पौधे हरे-भरे बने हुए हैं।
समिति सदस्यों ने बताया कि गोशाला में विकसित हो रही यह हरियाली सामूहिक प्रयासों और सेवा भावना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों के सहयोग से ऐसे जनहित और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को नई मजबूती मिलती है।