व्हीकल लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला ईनामी गिरफ्तार

डी. के. सैनी
जयपुर (नवयत्न) । करधनी थाना पुलिस ने वाहन लोन दिलाने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपित एवं 7 हजार 500 रुपए के इनामी अपराधी कैलाश पूनिया निवासी कालवाड जयपुर को गिरफ्तार किया है। पुलिस की प्रारम्भिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपित पर वाहन लोन स्वीकृत कराकर उसकी राशि आवेदकों को न देकर अपने जानकारों की फर्म के खातों में ट्रांसफर करवाता था। पुलिस के अनुसार गिरोह अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण ने बताया कि 26 मार्च 2026 को परिवादी महावीर सिंह नाथावत निवासी कूडियों का बास जोबनेर ने थाना करधनी में मामला दर्ज करवाया था कि ट्रैक्टर खरीदने के लिए लोन की आवश्यकता होने पर वह यूएच फाइनेंशियल सर्विसेज के कार्यालय पहुंचा। जहां उसकी मुलाकात सुभाष घासल, कैलाश पूनिया एवं आयुषी पारीक से हुई। आरोपितों ने लोन दिलाने का भरोसा देकर एचडीएफसी बैंक के खाली चेकों पर हस्ताक्षर करवाए तथा कई दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए।
आरोपितों ने कुछ समय बाद पीडित महावीर को यह कहकर टाल दिया कि उसका सिविल खराब होने से लोन निरस्त हो गया है। इसके बाद में आरएमके फिनकॉर्प प्राइवेट लिमिटेड चिड़ावा जिला झुंझुनूं से बकाया राशि वसूली का नोटिस मिला। तब खुलासा हुआ कि आरोपितों ने उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम पर स्वयं लोन उठा लिया।
जांच में सामने आया कि आरोपित कैलाश पूनिया वाहन मालिकों के नाम पर लोन स्वीकृत करवाकर पूरी राशि अपने परिचितों की फर्म यूएच फाइनेंस सर्विसेज के खातों में ट्रांसफर करवाता था। इस घटना के बाद आरोपित फरार होकर राजस्थान से बाहर छिपा हुआ था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम की ओर से 7 हजार 500 रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
एडिशनल डीसीपी राजेश गुप्ता एवं एसीपी आलोक कुमार के सुपरविजन में थाना करधनी पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। टीम ने लगातार प्रयास कर आरोपित कैलाश चंद पूनिया को गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2020 में विनायक फाइनेंस के नाम से फर्म संचालित करता था तथा उस दौरान भी विभिन्न एनबीएफसी कंपनियों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है। आरोपित के खिलाफ थाना करधनी में इसी प्रकार के चार अन्य मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

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