वराह अवतार, महामुनि कर्दम और देवहूति के विवाह प्रसंग सुनाए
माजेंद्र खडोलिया
श्रीमाधोपुर (नवयत्न) । मंदिर श्री राधागोपीनाथ में पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत चल रहे विभिन्न भक्तिमय दिव्य महोत्सवों में छठे दिवस को व्यास पीठाचार्य श्री प्रयागदासजी महाराज के द्वारा श्रीमद् भागवत कथा मे पृथ्वी के उद्धार के लिए वराह अवतार, महामुनि कर्दम और देवहूति के विवाह, भगवान कपिल मुनि के जन्म एवं भगवान कपिल मुनि के द्वारा माता देवहूति को प्रदत्त सांख्य योग की पावन कथा सुनाई गई।तत्पश्चात रात्रि में राम चरित्र मानस में भगवान राम के अवतार के विभिन्न भक्तवत्सल हेतुओं का रस और भावमय गान किया गया।
महंत डॉ मनोहर शरण दास जी ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में प्रतिदिन भगवान के मंगल अलौकिक स्वरूप का श्रृंगार एवं प्रतिदिन सायं जल फव्वारा ठाकुर जी को धराया जाता है।दोपहर में 2:30 बजे से 6:00 बजे तक भागवत कथा का आयोजन, संपूर्ण दिवस हरिनाम संकीर्तन, प्रात श्री वृहद् नारद पुराण की पुरुषोत्तम मास महात्म्य कथा एवं रात्रि 8से10 में रामचरित्र मानस के मास पारायण पाठ व राम कथा का कार्यक्रम मंदिर मे आयोजित हो रहा है। पुरुषोत्तम मास में हरी नाम संकीर्तन का बहुत ही अद्भुत एवं दिव्य महत्व बताया गया जिसके अंतर्गत मंदिर प्रांगण में मंगला आरती से शयन आरती पर्यन्त भक्तों के द्वारा हरे कृष्ण महामंत्र के साथ भगवान की प्रदक्षिणा सतत् रूप से प्रतिदिन की जा रही है। जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्तों की श्रद्धा और समर्पण का भक्तिमय स्वरूप देखने को मिल रहा है।