गर्म भट्टी की तरह तप रहा शहर
गजेंद्र सिंह
सरदारशहर (नवयत्न)। इन दिनों सरदारशहर गर्म भट्टी की तरह तप रहा है। भीषण गर्मी और गर्म हवाओं ने आमजन का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। थार का द्वार कहे जाने वाले चूरू में सूर्यदेवता सुबह होने के साथ ही आसमान से अग्नि वर्षा शुरू कर देते हैं। अंचल में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंचने से दोपहर के समय सड़कें और बाजार सूने नजर आ रहे हैं। गर्मी का असर अब कृषि मंडियों में भी साफ दिखाई देने लगा है, जहां आम दिनों की तुलना में सन्नाटा पसरा हुआ है।
अधिक मास ज्येष्ठ पंचमी के साथ ही चूरू की परंपरागत गर्मी अपने चरम की ओर बढ़ती नजर आ रही है। इस सीजन में पहली बार सुबह का न्यूनतम तापमान 31 डिग्री के पार दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। वहीं आर्द्रता घटकर केवल 24 प्रतिशत रहने से मौसम और अधिक तपने लगा तथा चूरू रेड जोन में पहुंच गया।
भूगोल के प्रोफेसर डॉ एम ए खान के अनुसार चूरू में इस समय पड़ने वाली भीषण गर्मी सामान्य मौसमी चक्र का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि बीकानेर संभाग का यह क्षेत्र शेखावाटी के भूभाग से जुड़ा होने के कारण यहां पश्चिम राजस्थान की गर्म हवाओं का व्यापक असर देखने को मिलता है। अधिक ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष के चलते अब जेठ की दोपहरी अपने असली तेवर दिखाने लगी है। हालांकि शुक्ल पक्ष में चांदनी के कारण रातों में कुछ राहत मिलती है, लेकिन इस बार रातें भी गर्म रहने लगी हैं।
गर्म हवाओं और चिलचिलाती धूप के थपेड़ों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लोग सुबह जल्दी जरूरी काम निपटाने की कोशिश करते नजर आए, जबकि दोपहर होते ही बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा छा गया। बेसहारा पशु भी गर्मी से बेहाल दिखाई दिए। पशु छांव तलाशते नजर आए, वहीं श्वान नालियों में पड़े दिखाई दिए और पक्षी घोसलों में दुबके रहे।
कृषि मंडी में भी गर्मी का असर साफ देखने को मिला। तेज गर्म हवाओं और तपते मौसम के कारण मंडी में आवाजाही कम रही और अधिकांश हिस्सों में वीरानी छाई रही। मौसम विभाग की ओर से जारी उष्ण लहर के यलो अलर्ट के बीच आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।