बाजार में ज्यादा दाम मिलने से किसान MSP केंद्रों से दूरी बना रहे

गजेंद्र सिंह

सरदारशहर (नवयत्न)। कृषि उपज मंडी स्थित समर्थन मूल्य खरीद केंद्र पर इन दिनों पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। सरकार की ओर से सरसों और चने की समर्थन मूल्य पर खरीद की जा रही है, लेकिन बाजार में दोनों फसलों के भाव समर्थन मूल्य से अधिक होने के कारण किसान अपनी उपज मंडी के खुले बाजार में बेच रहे हैं। इसके चलते खरीद केंद्रों पर किसानों की आवाजाही लगभग थम गई है।

समर्थन मूल्य खरीद केंद्र के कर्मचारी नरेश कुमार पारीक और ठेकेदार रफीक खान ने बताया कि राजफेड की ओर से अब तक चने के 881 टोकन जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 537 किसानों ने अपनी चने की फसल की तुलाई करवाई है। वहीं सरसों के लिए 1335 टोकन जारी किए गए, लेकिन अब तक केवल 20 किसानों ने ही समर्थन मूल्य पर सरसों की तुलाई करवाई है।

उन्होंने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से चने के बाजार भाव समर्थन मूल्य से अधिक चल रहे हैं, जिसके चलते किसानों ने समर्थन मूल्य केंद्र पर फसल बेचनी लगभग बंद कर दी है। वहीं सरसों के बाजार भाव शुरुआत से ही बेहतर रहने के कारण किसान सीधे बाजारों का रुख कर रहे हैं।

खरीद केंद्र पर किसानों की कमी का असर वहां काम करने वाले पलदारों और मजदूरों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बाहर से मजदूरी करने आए श्रमिक बेरोजगार बैठे नजर आ रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि खरीद कार्य ठप होने से उनके सामने रोज़गार का संकट खड़ा हो गया है।
किसानों का कहना है कि जब बाजार में समर्थन मूल्य से ज्यादा दाम मिल रहे हैं तो वे स्वाभाविक रूप से अपनी फसल बाजार में बेचेंगे। किसानों ने सरकार से मांग की कि समर्थन मूल्य की दरों में बढ़ोतरी की जाए, ताकि किसानों को MSP पर फसल बेचने में लाभ दिखाई दे और खरीद केंद्रों पर फिर से रौनक लौट सके।

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