अपना घर आश्रम में प्रथम श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का भक्तिमय वातावरण में समापन
श्रीराम तिवाड़ी
नोखा (नवयत्न) । अपना घर आश्रम नोखा में आयोजित प्रथम सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का सप्तम एवं समापन दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कथा श्रवण के लिए हजारों की संख्या में माताएं, बहनें एवं भक्तजन उपस्थित रहे। पूरे आश्रम परिसर में भक्ति, सेवा और सत्संग का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कथा के मुख्य यजमान केशुराम तर्ड पूर्व सरपंच, बिछवाल रहे। उनके साथ सीयम प्रकाश, निर्मल भूरा एवं अन्य गणमान्य श्रद्धालुओं ने कथा में सहभागिता कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर अपना घर आश्रम के पूर्व सचिव रमेश व्यास भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। संपूर्ण कथा महोत्सव का सफल संचालन एवं व्यवस्थाएं कन्हैयालाल करवा के नेतृत्व में संपन्न हुईं। कथा के अंतिम दिवस पर पूज्य रामसनेही संत माधव दास महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण के समापन प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की अंतिम लीलाओं, उनके उपदेशों तथा जीवन के आध्यात्मिक संदेशों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मनुष्य का वास्तविक कल्याण भगवान की भक्ति, सेवा, करुणा और परोपकार में निहित है। महाराज श्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को प्रेम, सेवा और समर्पण का मार्ग दिखाने वाला दिव्य ग्रंथ है। उन्होंने अपना घर आश्रम की सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि असहाय, निराश्रित एवं पीड़ित प्रभुजनों की सेवा ही सच्चे अर्थों में भगवान की भक्ति है। जो व्यक्ति मानव सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बना लेता है, वह भगवान की विशेष कृपा का पात्र बनता है।
उल्लेखनीय है कि अपना घर आश्रम नोखा में पहली बार सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन आश्रम में निवासरत प्रभुजनों के उत्तम स्वास्थ्य, सुखद जीवन, मानसिक शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। सात दिनों तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा कथा के माध्यम से धर्म, सेवा और मानवता के संदेश को आत्मसात किया। पूरे दिन भजन-कीर्तन, कथा श्रवण एवं धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ कथा का आनंद लिया तथा आश्रम में रह रहे प्रभुजनों के उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखमय जीवन की कामना की। कथा के समापन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ की पूर्णाहुति सम्पन्न हुई तथा समस्त श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण, समाज में सुख-शांति और प्रभुजनों के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। समापन समारोह में अपना घर आश्रम नोखा के सचिव सतीश झंवर ने सभी यजमानों, संत-महात्माओं, अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग और सहभागिता से ही अपना घर आश्रम सेवा, संवेदना और मानवता के इस महान कार्य को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने सभी से अपना घर परिवार से निरंतर जुड़े रहने तथा सेवा कार्यों में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया। अंत में महाआरती, प्रसाद वितरण एवं मंगलकामनाओं के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का भक्तिमय वातावरण में सफलतापूर्वक समापन हुआ।