किसान नेता नरेन्द्र धायल के नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर ठगी का प्रयास
सुरेंद्र शर्मा
सीकर (नवयत्न)। सोशल मीडिया के बढ़ते दायरे के साथ साइबर ठगी के मामलों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। इसी कड़ी में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला अध्यक्ष नरेन्द्र धायल के नाम और पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर लोगों से पैसों की मांग किए जाने का मामला सामने आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए नरेन्द्र धायल ने सदर थाना सीकर में शिकायत दर्ज करवाई है तथा पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
नरेन्द्र धायल ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व उनके नाम, फोटो और पहचान का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट संचालित कर रहे हैं। इन अकाउंट्स के माध्यम से लोगों से संपर्क कर विभिन्न बहानों से आर्थिक सहायता या अन्य कारणों का हवाला देकर पैसे मांगने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका ऐसे किसी भी फर्जी अकाउंट, बैंक खाते या धनराशि की मांग से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को उनके नाम से कोई संदेश, कॉल या सोशल मीडिया के माध्यम से पैसे भेजने का आग्रह प्राप्त होता है तो उस पर विश्वास न करें। किसी भी प्रकार की आर्थिक लेन-देन करने से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान और सत्यता की पूरी जांच अवश्य करें।
धायल ने कहा कि साइबर अपराधी अब प्रतिष्ठित व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों के नाम का दुरुपयोग कर लोगों को ठगने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे मामलों में थोड़ी सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को देने का आग्रह किया।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि फर्जी अकाउंट संचालित करने वाले व्यक्तियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई अन्य व्यक्ति इस प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार न बने।
नरेन्द्र धायल ने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने और किसी भी अकाउंट पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करने की अपील की।
“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट पर पैसे भेजने से पहले उसकी पूरी तरह जांच-पड़ताल अवश्य करें।”