बिना लाइसेंस गाड़ी-बाइक किराए पर दी तो खैर नहीं…
डी. के.सैनी
जयपुर (नवयत्न)। राजधानी जयपुर में किराए पर वाहन उपलब्ध कराने वाली रेंट-ए-कैब और बाइक रेंटल सेवाओं पर जयपुर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। आपराधिक गतिविधियों में किराए के वाहनों के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव पचार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 12 जून से लागू होकर 11 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव पचार के अनुसार कई व्यक्ति और फर्म बिना वैध कमर्शियल पंजीकरण के वाहन किराए पर उपलब्ध करा रहे हैं। ऐसे मामलों में अपराधी अपनी पहचान छिपाकर वाहनों का उपयोग विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में कर सकते हैं। इसके अलावा निजी उपयोग के लिए पंजीकृत वाहनों को भी अवैध रूप से किराए पर दिए जाने की शिकायतें मिली हैं।
आदेश के तहत केंद्र सरकार की ‘रेंट ए कैब स्कीम-1989’ के अनुसार वाहन किराए पर देने के लिए परिवहन विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। निजी (व्हाइट प्लेट) दुपहिया और चार पहिया वाहनों को व्यावसायिक रूप से किराए पर नहीं दिया जा सकेगा।
पुलिस ने रेंटल फर्मों को अपने सभी प्रबंधकों, एजेंटों और कर्मचारियों का पूरा विवरण रखने तथा उनका पुलिस सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। वाहन किराए पर लेने वाले व्यक्ति का नाम, पता, मोबाइल नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड सहित अन्य वैध पहचान दस्तावेजों का रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य होगा।
विदेशी नागरिकों को वाहन किराए पर देने की स्थिति में पासपोर्ट, वैध वीजा और अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट की प्रतियां सुरक्षित रखनी होंगी। साथ ही सभी फर्मों को वाहन संख्या, बुकिंग समय, वापसी समय और गंतव्य स्थल का रिकॉर्ड रजिस्टर अथवा कंप्यूटर डेटाबेस में दर्ज करना होगा।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मांग किए जाने पर संबंधित रिकॉर्ड तत्काल पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध कराना होगा। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जयपुर पुलिस का कहना है कि यह कदम शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से उठाया गया है।