शिमला गांव में टंकी गिराने के मामले में ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन
निसं
खेतड़ी (नवयत्न)। खेतड़ी उपखंड के गांव शिमला में जर्जर पानी की टंकी को गिराने के दौरान हुई लापरवाही के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर प्रशासन और जलदाय विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि टंकी को बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के गिराया गया, जिससे भारी मलबा पास स्थित जीएलआर (ग्राउंड लेवल रिजर्वायर) पर गिर गया और उसकी छत क्षतिग्रस्त हो गई। इसके कारण क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने गई है।
ग्रामीणों ने मांग की कि क्षतिग्रस्त पानी की टंकी और जीएलआर की तत्काल मरम्मत कर जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारू की जाए। वहीं भविष्य में इस प्रकार के कार्य प्रशासन और संबंधित विभागों की मौजूदगी में कराए जाएं ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति को नुकसान न पहुंचे।
ग्रामीणों का आरोप है कि टंकी गिराने का कार्य बिना पूर्व सूचना और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के किया गया। यदि मलबा दूसरी दिशा में गिरता तो पास स्थित मकानों, स्कूल और खेल मैदान में बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना ने लोगों में भय और आक्रोश पैदा कर दिया है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और पेयजल व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
वहीं प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि क्षति का आकलन कर आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा तथा पेयजल आपूर्ति प्रभावित नहीं होने देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाएगी। इस मौके पर मंजीत लाठर, बनवारीलाल, दयाराम, विनोद कुमार, कैलाश चंद यादव, बिल्लू, हंसराज, सोमदत्त, रामचंद्र, शीशराम, धर्मवीर, राजेंद्र, दीपक, मातादीन, प्रदीप कुमार सहित अनेक लोग मौजूद थे।