एएनटीएफ का नशे के सौदागरों पर बड़ा प्रहार: 25 हजार का इनामी तस्कर गुजरात से गिरफ्तार
निसं
जयपुर (नवयत्न)। राजस्थान को नशामुक्त बनाने के अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने राज्यभर में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन जिलों में भारी मात्रा में डोडा-चूरा और प्रतिबंधित नशीली दवाएं बरामद की हैं। इसके साथ ही एक वर्ष से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी तस्कर को गुजरात के वडोदरा से गिरफ्तार किया गया है।
एएनटीएफ पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि विशेष अभियान के तहत ‘ऑपरेशन रजियांजनेय’ में नागौर जिले के खींवसर क्षेत्र निवासी 27 वर्षीय हनुमान उर्फ राजू को गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2025 में श्रीगंगानगर के रजियासर थाने में दर्ज मादक पदार्थ तस्करी के मामले में वांछित हनुमान पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद वह गुजरात फरार हो गया था। इससे पहले उसे पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर वह भाग निकला था।
पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ टीम ने तकनीकी निगरानी, ई-मित्र से मिले सुराग और वडोदरा में उसकी गतिविधियों पर नजर रखकर उसे एक पार्क से दबोच लिया। जांच में सामने आया कि पिता की मृत्यु के बाद 100 बीघा कृषि भूमि का मालिक बनने के बावजूद वह ऐशो-आराम की जिंदगी के लालच में मादक पदार्थ तस्करी के धंधे में उतर गया था।
इधर फलोदी जिले के लोहावट क्षेत्र में जाखड़ों की ढाणी पलीना में कार्रवाई कर आरोपी भोमाराम जाट को गिरफ्तार कर उसके घर से 15.406 किलोग्राम डोडा-चूरा बरामद किया गया। वहीं चित्तौड़गढ़ जिले के भादसोड़ा थाना क्षेत्र में उदयपुर-चित्तौड़गढ़ हाईवे स्थित एक होटल पर स्निफर डॉग की सहायता से दबिश देकर 3.780 किलोग्राम डोडा-चूरा जब्त किया गया तथा होटल संचालक लक्ष्मण राम देवासी को गिरफ्तार किया गया।
उदयपुर के सूरजपोल क्षेत्र में एएनटीएफ ने ई-मित्र संचालक रवि अठवाल को स्कूटी सहित पकड़कर उसके कब्जे से 40 प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल बरामद किए। आरोपी कथित रूप से स्कूटी के जरिए नशीली दवाओं की सप्लाई कर रहा था।
एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने कार्रवाई में शामिल एएनटीएफ एवं स्थानीय पुलिस टीमों की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित करने की घोषणा की है। उन्होंने आमजन से अपील की कि मादक पदार्थ तस्करी या संदिग्ध गतिविधियों की सूचना एएनटीएफ को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।