बारिश के बाद जलभराव से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी, चार गांवों का संपर्क प्रभावित
रणवीर सिंह
चिड़ासन (नवयत्न)। क्षेत्र के लोयल गांव में खेतड़ी-झुंझुनूं मुख्य सड़क (एमडीआर-93) से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) लोयल को जाने वाली लिंक रोड पर जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। सरपंच आवास के सामने से होकर पीएचसी और चारावास जाने वाले इस मार्ग पर गुरुवार को हुई मात्र आधे घंटे की बारिश के बाद करीब 50 मीटर लंबा और 15 फीट चौड़ा हिस्सा तालाब में तब्दील हो गया। चार दिन बीत जाने के बावजूद सड़क पर पानी भरा हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग से प्रतिदिन गुजरने वाले राहगीरों, बाइक सवारों, पीएचसी के कर्मचारियों तथा मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी से होकर गुजरने के दौरान कई लोग फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रशासन और संबंधित विभाग इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले दो वर्षों से बरसात के मौसम में इस सड़क पर जलभराव की स्थिति बनी रहती है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है। इससे चारावास और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान बच्चों और बुजुर्गों के लिए इस रास्ते से गुजरना किसी नदी को पार करने जैसा हो जाता है।
इसी प्रकार चिड़ासन-लोयल मार्ग तथा चिड़ासन-मानोता जाटान मार्ग पर भी बारिश के समय भारी जलभराव हो जाता है। इसके कारण चिड़ासन, लोयल, मानोता और किठाना गांवों का आपसी संपर्क दो से तीन दिनों तक प्रभावित रहता है। विशेष रूप से महिलाओं को लोयल बस स्टैंड तक पहुंचने के लिए घुटनों तक भरे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी प्राकृतिक आपदा राहत कोष अथवा अन्य उपलब्ध संसाधनों से सड़क पर बने गड्ढों को अस्थायी रूप से कंक्रीट अथवा अन्य उपयुक्त सामग्री से भरवाएं, ताकि वर्षा ऋतु में लोगों को राहत मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क की पिछले 11 से 12 वर्षों से समुचित मरम्मत नहीं हुई है। यहां तक कि सड़क पर पेचवर्क तक नहीं कराया गया, जिसके कारण हर वर्ष बरसात में समस्या और गंभीर होती जा रही है।