कथा में सजाई श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की मनमोहक झांकी
निसं
बुगाला (नवयत्न)। बाबा चरणदास मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक दिनकर ने भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। इस दौरान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। बाल कलाकारों ने श्रीकृष्ण और रुक्मिणी का स्वरूप धारण कर विवाह प्रसंग का सजीव मंचन किया, जिसे देखकर श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए।
कथावाचक ने बताया कि माता रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य और जीवनसाथी मानकर संदेश भेजा था। श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी का हरण कर विधि.विधान से उनका विवाह किया। यह प्रसंग प्रेम, समर्पण, अटूट विश्वास और धर्म की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा और निष्काम भक्ति से भगवान सदैव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। इस मौके पर महिलाओं ने मंगल गीत गाए। श्रद्धालुओं ने जय श्रीकृष्ण के जयघोष लगाए और भजनों पर भक्तिभाव से झूम उठे। आज के यजमान कल्याण सिंह शेखावत सपत्नीक रहे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों की उपस्थिति रही।