22वें राष्ट्रीय कन्या मंडल अधिवेशन ‘संकल्प’ का समापन
अबूबकर बल्खी
लाडनूँ (नवयत्न)। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में जैन विश्व भारती स्थित ऑडिटोरियम में 22वें राष्ट्रीय कन्या मंडल अधिवेशन “संकल्प” का प्रेरणादायी समापन हुआ। कार्यक्रम में देशभर के 130 क्षेत्रों से लगभग 970 कन्याओं की सहभागिता रही। अधिवेशन का भव्य आगाज़ परमपूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी के पावन सान्निध्य में हुआ। शुभारंभ ‘जिज्ञासा’ सत्र से हुआ, जिसमें आचार्यश्री ने संस्कारयुक्त एवं संयमित जीवन जीने की प्रेरणा दी। तीन दिवसीय अधिवेशन के दौरान आयोजित भव्य कन्या रैली, चार महाव्रतों पर आधारित प्रदर्शनी, ‘संकल्प संसद’ तथा आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा एवं महिला अधिकारों पर आधारित विशेष जागरूकता सत्र प्रमुख आकर्षण रहे। इस अवसर पर अनेक कन्याओं ने गुरुदेव के समक्ष आजीवन नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प भी लिया। राष्ट्रीय अध्यक्षा सुमन नाहटा ने कहा कि संकल्प केवल एक उद्घोष नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन है। उन्होंने कन्याओं का आह्वान किया कि वे सेवा, संस्कार एवं नेतृत्व के मूल्यों को जीवन में आत्मसात कर समाज निर्माण में अपनी सशक्त भूमिका निभाएँ।
लाडनूँ (नवयत्न)। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में जैन विश्व भारती स्थित ऑडिटोरियम में 22वें राष्ट्रीय कन्या मंडल अधिवेशन “संकल्प” का प्रेरणादायी समापन हुआ। कार्यक्रम में देशभर के 130 क्षेत्रों से लगभग 970 कन्याओं की सहभागिता रही। अधिवेशन का भव्य आगाज़ परमपूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी के पावन सान्निध्य में हुआ। शुभारंभ ‘जिज्ञासा’ सत्र से हुआ, जिसमें आचार्यश्री ने संस्कारयुक्त एवं संयमित जीवन जीने की प्रेरणा दी। तीन दिवसीय अधिवेशन के दौरान आयोजित भव्य कन्या रैली, चार महाव्रतों पर आधारित प्रदर्शनी, ‘संकल्प संसद’ तथा आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा एवं महिला अधिकारों पर आधारित विशेष जागरूकता सत्र प्रमुख आकर्षण रहे। इस अवसर पर अनेक कन्याओं ने गुरुदेव के समक्ष आजीवन नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प भी लिया। राष्ट्रीय अध्यक्षा सुमन नाहटा ने कहा कि संकल्प केवल एक उद्घोष नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन है। उन्होंने कन्याओं का आह्वान किया कि वे सेवा, संस्कार एवं नेतृत्व के मूल्यों को जीवन में आत्मसात कर समाज निर्माण में अपनी सशक्त भूमिका निभाएँ।