एक घंटे की मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
ललित दाधीच
राजलदेसर (नवयत्न) । राजलदेसर में गुरुवार सुबह करीब 6 बजे से 7 बजे के बीच हुई एक घंटे से अधिक की मूसलाधार बारिश ने राजलदेसर कस्बे की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। तेज बारिश के चलते पूरे कस्बे में जलभराव की स्थिति बन गई और कई मुख्य मार्गों सहित निचले इलाकों में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया। लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा तथा कई घरों और दुकानों में भी पानी घुस जाने से घरेलू सामान व व्यापारिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा। बारिश के कारण गांधी चौक, रेलवे स्टेशन रोड, फ्रेंड्स सोसायटी मार्ग, महेंद्र मुनि मार्ग, मेहंदीपुर बालाजी मार्ग, मुरलाई बस्ती, अंजनी माता मंदिर मार्ग, ढोली बस्ती, वार्ड संख्या 26 और वार्ड संख्या 35 सहित कई क्षेत्रों में भारी जलभराव हो गया। कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी नजर आईं, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक प्रभावित राजकीय चिकित्सालय रहा, जहां 4 से 5 फीट तक पानी भर जाने से रोगी भर्ती वार्ड, नर्सिंग क्वार्टर, एक्स-रे कक्ष, प्रयोगशाला, लेबर रूम तथा स्टोर रूम में पानी घुस गया। इससे अस्पताल के उपकरण, दवाइयों और अन्य सामग्री को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। मरीजों और चिकित्साकर्मियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश के दौरान नगर पालिका की तैयारियों पर भी सवाल खड़े हुए। सुबह करीब 5:30 बजे बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद पंप हाउस में लगे जनरेटर में डीजल उपलब्ध नहीं होने से जल निकासी का कार्य समय पर शुरू नहीं हो सका, जिसके कारण कई इलाकों में पानी लंबे समय तक जमा रहा। हालांकि अच्छी बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने इसे खरीफ फसलों के लिए लाभदायक बताया। साथ ही लगातार पड़ रही उमस और गर्मी से भी लोगों को राहत मिली। अधिशासी अधिकारी सीताराम मीणा ने बताया कि जलभराव की स्थिति को देखते हुए नगर पालिका के सभी कर्मचारियों को राहत कार्य में लगाया गया है। जिन क्षेत्रों में घरों में पानी घुस गया है, वहां टैंकर और पंपसेट लगाकर पानी निकासी का कार्य कराया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जाएगा तथा आवश्यक व्यवस्थाएं शीघ्र बहाल की जाएंगी। समाचार लिखे जाने तक शाम तक भी कस्बे के कई मार्ग जलमग्न रहे और अनेक स्थानों पर पानी की निकासी पूरी तरह नहीं हो सकी, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।