स्कूलों में बच्चों को सिखाया- अजनबियों से रहें सावधान, असहज स्थिति में कहें ‘नो-गो-टेलÓ
सुरेन्द्र शर्मा
झुंझुनूं (नवयत्न)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झुंझुनूं के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में मंगलवार को न्याय क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेÓ अभियान के तहत हुआ। कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘अजनबियों से सावधान- नो, गो, टेलÓ रहा। न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को अपरिचित लोगों से होने वाले संभावित खतरों के प्रति जागरूक किया। उन्हें बताया गया कि कोई अजनबी बहलाने-फुसलाने, डराने या धमकाने की कोशिश करे अथवा किसी संदिग्ध स्थान पर ले जाने का प्रयास करे तो तुरंत सतर्क हो जाएं। विद्यार्थियों को ‘नो-गो-टेलÓ का सरल तरीका समझाया गया। इसके तहत किसी असहज या असुरक्षित स्थिति में स्पष्ट रूप से ‘नोÓ कहने, वहां से तुरंत दूर होकर सुरक्षित स्थान या किसी विश्वसनीय वयस्क के पास ‘गोÓ करने और पूरी घटना की जानकारी माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को ‘टेलÓ करने के लिए कहा गया। जागरूकता सत्र में बच्चों को व्यक्तिगत सुरक्षा, अपनी सीमाओं और निजता के साथ-साथ ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में भी जानकारी दी गई। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर अनजान लोगों से संपर्क, संदिग्ध संदेशों और डिजिटल माध्यमों से जुड़े जोखिमों के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी गई। न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बच्चों के अधिकारों और संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी। इस दौरान पॉक्सो अधिनियम-2012, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, नि:शुल्क विधिक सहायता और नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और अपने सवाल पूछकर विषय को समझा। न्यायिक अधिकारियों ने बच्चों को किसी भी असुरक्षित या असहज घटना को छिपाने के बजाय बिना डर और संकोच के तुरंत किसी विश्वसनीय वयस्क को बताने के लिए प्रेरित किया।