10 वोटों से मनु धनकड़ को हराकर 10वीं ताजपोशी अब्दुल्ला अगवान के नाम

कासं
झुंझुनूं। नगर परिषद झुंझुनूं के सभापति चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल्ला गुलाम नबी अगवान ने भाजपा प्रत्याशी मनु धनकड़ को 10 वोटों से शिकस्त देकर सभापति पद पर कब्जा जमा लिया। अब्दुल्ला नबी अगवान को सांसद बृजेंद्र सिंह ओला का विश्वासपात्र माना जाता है, जबकि भाजपा प्रत्याशी मनु धनकड़ विधायक राजेंद्र भाम्बू के दामाद हैं। ऐसे में यह मुकाबला महज दो प्रत्याशियों के बीच चुनाव नहीं, बल्कि जिले के दो प्रमुख राजनीतिक चेहरों की प्रतिष्ठा से भी जोडक़र देखा जा रहा था। मतदान के बाद घोषित परिणाम में अब्दुल्ला अगवान को 35 मत, जबकि मनु धनकड़ को 25 मत मिले। इस तरह अब्दुल्ला ने 10 मतों के अंतर से जीत दर्ज की और झुंझुनूं नगर निकाय के 10वें प्रमुख बनने का गौरव हासिल किया। खास संयोग यह रहा कि 10वें निकाय प्रमुख की ताजपोशी भी 10 वोटों के अंतर से हुई। परिणाम के साथ ही पिछले कई दिनों से चल रही सियासी अटकलों, बाड़ाबंदी और पार्षदों को अपने-अपने पाले में करने की कवायद पर भी विराम लग गया। अब्दुल्ला अगवान की जीत में कांग्रेस के 30 पार्षदों के साथ 5 अतिरिक्त पार्षदों के समर्थन की भूमिका महत्वपूर्ण रही। वहीं भाजपा अपने 15 पार्षदों के मूल आंकड़े से 10 कदम आगे बढक़र 25 तक ही पहुंच सकी, जबकि सभापति पद के लिए 31 मतों का जादुई आंकड़ा जरूरी था। जनचर्चा में यह भी रहा कि विधायक राजेंद्र भाम्बू के दामाद और भाजपा प्रत्याशी मनु धनकड़ ने भाजपा का बोर्ड बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। इसी कवायद के चलते भाजपा का कुनबा 15 से बढक़र 25 तक पहुंचा, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी 31 का आंकड़ा हासिल नहीं हो सका। दूसरी ओर सांसद बृजेंद्र सिंह ओला खेमे को कांग्रेस के 30 पार्षदों के अलावा 5 अन्य पार्षदों का साथ मिला और अब्दुल्ला अगवान की ताजपोशी तय हो गई।
अब तक ये रहे झुंझुनूं नगर निकाय के प्रमुख
झुंझुनूं नगर निकाय के अब तक के प्रमुखों में रमेश टीबड़ा, हकीम दाऊद अली, रमेश टीबड़ा, तैयब अली, भारती टीबड़ा, खालिद हुसैन, सुदेश अहलावत और नगमा बानो प्रमुख रहे हैं। भारती टीबड़ा के कार्यकाल के दौरान नगर पालिका को नगर परिषद का दर्जा मिला और सभापति का पद अस्तित्व में आया। इसके बाद खालिद हुसैन, सुदेश अहलावत और नगमा बानो सभापति रहे। सोमवार के चुनाव के बाद अब्दुल्ला गुलाम नबी अगवान झुंझुनूं नगर निकाय के 10वें प्रमुख होंगे।
19 निकायों में कांग्रेस 10, भाजपा 8 और निर्दलीय 1
जिले के 19 नगर निकायों में हुए अध्यक्ष एवं सभापति चुनाव में कांग्रेस ने 10 निकायों, भाजपा ने 8 निकायों में जीत दर्ज की, जबकि एक निकाय में निर्दलीय प्रत्याशी अध्यक्ष बनने में सफल रहा। खेतड़ी में भाजपा प्रत्याशी गीता सैनी पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी थी।
तीन जगह बराबर मत, पर्ची ने खोला किस्मत का पिटारा
मलसीसर, बुहाना और बगड़ में अध्यक्ष पद के मुकाबले में प्रत्याशियों को बराबर मत मिले। इसके बाद निर्वाचन प्रक्रिया के तहत लॉटरी निकाली गई। मलसीसर और बुहाना में भाजपा के पक्ष में पर्ची निकली, जबकि बगड़ में कांग्रेस प्रत्याशी राकेश कुमार शर्मा भाग्यशाली रहे। यानी तीन निकायों में मतदाताओं के मत बराबर रहने के बाद अध्यक्ष की कुर्सी का फैसला आखिरकार पर्ची ने किया।
जिले के सभी निकायों का परिणाम
झुंझुनूं नगर परिषद : कांग्रेस के अब्दुल्ला अगवान 35, भाजपा के मनु धनकड़ 25
मलसीसर : भाजपा के पवन कुमार और कांग्रेस के प्रवीण को 10-10 मत। लॉटरी में भाजपा के पवन कुमार विजयी
मंडावा : कांग्रेस के सज्जन लाल मिश्रा 17, भाजपा के विजेंद्र सैनी 8
डूंडलोद : भाजपा के सचिन सैनी 11, कांग्रेस के मनफूल सिंह पूनिया 9
विद्या विहार पिलानी : भाजपा के सिकंदर 13, निर्दलीय प्रदीप कुमार झाझडिय़ा 12
बुहाना : भाजपा की मंजू बाला और कांग्रेस के सुधीर को 10-10 मत। लॉटरी में भाजपा की मंजू बाला विजयी
बिसाऊ : कांग्रेस की सलमा 13, भाजपा की सोनम देवी 12
उदयपुरवाटी : भाजपा की अनुराधा 18, कांग्रेस के रूडमल 17
सिंघाना : कांग्रेस की पिंकी 19, भाजपा की रेणु देवी 16
पिलानी : भाजपा के नगेंद्र कुमार 18, निर्दलीय धर्मेंद्र नेहरा 17
मुकुंदगढ़ : कांग्रेस के सत्यनारायण सैनी 15, भाजपा के अजय 10
जाखल : भाजपा के भगवान सिंह 15, कांग्रेस की निर्मला देवी 5
मंड्रेला : कांग्रेस की प्रवीण 16, निर्दलीय रतनी देवी 9
सुलताना : कांग्रेस की सोनिया 17, भाजपा की पूजा शर्मा 8
चिड़ावा : कांग्रेस की सुमित्रा सैनी 26, भाजपा के सुरेश कुमार 19
सूरजगढ़ : निर्दलीय नरेंद्र सिंह 14, भाजपा के रुकमानंद 10
नवलगढ़ : कांग्रेस की माया देवी 26, भाजपा की उषा देवी 19
बगड़ : कांग्रेस के राकेश कुमार शर्मा और भाजपा के गोविंद सिंह को 10-10 मत। लॉटरी में कांग्रेस के राकेश कुमार शर्मा विजयी
खेतड़ी : भाजपा की गीता सैनी निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित।

एक पार्षद की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई हलचल
नगर परिषद सभापति के चुनाव को निर्धारित समय सीमा में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन की ओर से पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए। शहर के रोड नंबर एक पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर नगर परिषद परिसर को पूरी तरह सुरक्षित रखा। नगर परिषद के बाहर भी पुलिस का जाब्ता तैनात रहा। कांग्रेस और भाजपा की ओर से की गई बाड़ाबंदी के बाद दोनों दलों के पार्षद अपने-अपने खेमों से नगर परिषद पहुंचे। सबसे पहले कांग्रेस के पार्षदों ने पहुंचकर सभापति पद के लिए मतदान किया, जिसके बाद भाजपा के पार्षदों ने अपने प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया। 60 सदस्यीय झुंझुनू नगर परिषद में 59 पार्षदों के मतदान के बाद अचानक राजनीतिक हलचल बढ़ गई। वार्ड नंबर 50 से निर्दलीय निर्वाचित पार्षद हरीश तुलस्यान मतदान केंद्र पर नहीं पहुंचे। उनकी गैरमौजूदगी की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही कांग्रेस और भाजपा दोनों खेमों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। सवाल उठने लगा कि आखिर हरीश तुलस्यान मतदान करने क्यों नहीं पहुंचे और उनके वोट का क्या होगा . . . . कहीं एक वोट से हार-जीत हुई तो . . .?
इस बीच करीब 1:10 बजे हरीश तुलस्यान नगर परिषद पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उनके मतदान के साथ ही सभापति चुनाव में सभी 60 निर्वाचित पार्षदों का मतदान पूरा हो गया और कुछ देर से बढ़ी राजनीतिक धडक़नों पर विराम लगा।
एक वोट ने बदला 4 निकायों में फैसला
नगर निकाय चुनाव के परिणामों में एक वोट की कीमत का असर चार जगह देखने को मिला। जिले की चार नगर निकायों में हार-जीत का फैसला महज एक वोट के अंतर से हुआ। कहीं भाजपा तो कहीं कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी को इसका सीधा फायदा मिला। विद्या विहार पिलानी में भाजपा को 13 वोट मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी को 12 वोट ही मिल सके। यहां एक वोट के अंतर ने परिणाम भाजपा के पक्ष में कर दिया। इसी तरह बिसाऊ नगर पालिका में कांग्रेस को 13 और भाजपा को 12 वोट मिले। यहां कांग्रेस ने महज एक वोट से बाजी मारी। उदयपुरवाटी नगर पालिका में भाजपा को 18 तथा कांग्रेस को 17 वोट प्राप्त हुए। एक वोट के अंतर से भाजपा के पक्ष में परिणाम गया। वहीं पिलानी नगर पालिका में भाजपा को 18 और निर्दलीय प्रत्याशी को 17 वोट मिले। यहां भी एक वोट ने हार-जीत का अंतर तय कर दिया। इस तरह चारों ही निकायों में एक वोट का अंतर निर्णायक साबित हुआ। चुनाव परिणामों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में प्रत्येक वोट की अपनी अहमियत है। अक्सर कहा जाता है कि एक वोट की कीमत बहुत बड़ी होती है, इन चार परिणामों ने इस कहावत को सच साबित कर दिया।
जीत की घोषणा और सडक़ों पर समर्थक
जिलेभर में निकाय चुनाव परिणाम घोषित होते ही जीत का जश्न शुरू हो गया। कहीं आतिशबाजी की भरमार रही तो कहीं डीजे की धुन पर समर्थक जमकर थिरके। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के समर्थकों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत पर खुशी जताई। कई जगह पार्टी कार्यालयों के बाहर समर्थकों का जमावड़ा लगा और जमकर नारेबाजी हुई। वहीं निर्दलीय प्रत्याशियों की जीत पर भी समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। सूरजगढ़ में निर्दलीय प्रत्याशी की जीत पर समर्थकों ने जश्न मनाया और आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया।

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