हाईटेक मोबाइल स्नैचर गिरोह के तीन बदमाश चढ़े पुलिस के हत्थे

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जयपुर (नवयत्न)। राहगीरों से मोबाइल झपटमारी कर उन्हें हाईटेक तरीके से ठिकाने लगाने वाले गिरोह का जालूपुरा थाना पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से छीने गए पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 40 डिस्प्ले पैनल, 24 बैटरियां और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार आरोपी लैपटॉप में सॉफ्टवेयर की मदद से मोबाइल के लॉक तोड़ते थे। इसके बाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता एआई की मदद से फर्जी बिल तैयार कर मोबाइल ऑनलाइन बेच देते थे। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है। जयपुर उत्तर के पुलिस उपायुक्त करन शर्मा ने बताया कि शहर में मोबाइल व पर्स छिनैती की बढ़ती वारदातों तथा आगामी त्योहारों को देखते हुए अपराधियों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए थे। जिसके चलते जालूपुरा थानाधिकारी बृजेश सिंह तंवर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम के कांस्टेबल शिवराज को सूचना मिली कि गोपीनाथ मार्ग पर दो युवक चोरी व झपटमारी के मोबाइल बेचने की फिराक में खड़े हैं। सूचना पर हेड कांस्टेबल छन्नाराम मय टीम ने मौके पर कार्रवाई कर दो बदमाशों को पकड़ लिया। उनसे मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपित फरमान अली उर्फ सैम खान 20 मूल रूप से भोला नगर, थाना फतेहगंज वेस्ट, जिला बरेली उत्तर प्रदेश का निवासी है। वर्तमान में ईदगाह, थाना गलतागेट, जयपुर में रहता है। पुलिस के अनुसार वह मोबाइल के लॉक तोडऩे के लिए सॉफ्टवेयर और फर्जी बिल तैयार करने में मुख्य भूमिका निभाता था। शोएब 22 मूल निवासी फिरोजाबाद साउथ, जिला फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश है और वर्तमान में पचरंग पट्टी ईदगाह, थाना गलतागेट, जयपुर में रहता है। मुकीम खान 18 मूल निवासी बड़ा फरीदपुर, जिला बरेली उत्तर प्रदेश है और वर्तमान में गंगापोल रोड, थाना सुभाष चौकए जयपुर में रहता है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों के वारदात करने का तरीका सामने आया। आरोपी मोटरसाइकिल से राह चलते और मोबाइल पर बात करने वाले लोगों को निशाना बनाते थे। बाइक पर पीछे बैठा आरोपी मौका देखकर मोबाइल झपट लेता और दोनों यातायात के बीच से फरार हो जाते थे। पुलिस के अनुसार फरमान अली लैपटॉप में सॉफ्टवेयर की मदद से छीने गए मोबाइलों के लॉक तोड़ता था। इसके बाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से मोबाइल के फर्जी बिल तैयार किए जाते और उन्हें ऑनलाइन बेच दिया जाता था। जिन मोबाइलों के लॉक नहीं टूट पाते थेए उन्हें खोलकर उनकी डिस्प्ले और बैटरियां अलग कर स्पेयर पाट्र्स के रूप में बेच देते थे। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने जयपुर शहर के अलग-अलग इलाकों में करीब 15 मोबाइल स्नैचिंग की वारदातें करना स्वीकार किया है। पुलिस अब अन्य वारदातों में चोरी किए गए मोबाइल, उनके खरीदारों और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। इस पूरी कार्रवाई में जालूपुरा थाने के कांस्टेबल शिवराज की विशेष भूमिका रही। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक रेखा, हेड कांस्टेबल रामलाल, हेड कांस्टेबल छन्नाराम, कांस्टेबल देवेंद्र, हरी सिंह, प्रदीप कुमार और जितेंद्र सिंह शामिल रहे।

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