वेटरनरी के सैकड़ों छात्रों का तीन दिनों से धरना

श्रवण सारस्वत
रींगस (नवयत्न)। उपखंड क्षेत्र के श्री संत और एशियन कॉलेज से पशु चिकित्सा डिप्लोमा कोर्स करने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। सत्र 2022-23 बैच के विद्यार्थियों के सामने अब रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। विद्यार्थियों का आरोप है कि राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की ओर से डिप्लोमा कोर्स के लिए कॉलेज आवंटित किए गए थे, लेकिन अब पशु चिकित्सा विभाग संबंधित कॉलेजों को फर्जी बताया जा रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। विद्यार्थियों के अनुसार जब पशु चिकित्सा विभाग में निकली वैकेंसी के लिए उन्होंने आवेदन किया, तब पता चला कि संबंधित कॉलेजों के पास आवश्यक एनओसी नहीं है। इस जानकारी के बाद विद्यार्थियों के सामने अपने शैक्षणिक भविष्य और रोजगार को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से आवंटित कॉलेजों में प्रवेश लेकर पढ़ाई की थी। अब कॉलेजों की मान्यता और एनओसी से जुड़ी स्थिति के कारण उनका भविष्य दांव पर लग गया है। मामले को लेकर विद्यार्थियों में नाराजगी है। अपने भविष्य को लेकर चिंतित छात्र सुबह से धरने पर बैठे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि जब उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत कॉलेजों में प्रवेश लेकर कोर्स किया, तो अब उन्हें इसका खामियाजा क्यों भुगतना पड़ रहा है। छात्रों की मांग है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान किया जाए, ताकि उन्हें रोजगार के अवसरों से वंचित नहीं रहना पड़े। वहीं कॉलेज प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय में लड़ाई लड़ी जा रही है। प्रशासन का पक्ष है कि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए कानूनी प्रयास किए जा रहे हैं।

You might also like