नेगोशिएशन में नालसार यूनिवर्सिटी हैदराबाद विजेता

निसं
जयपुर (नवयत्न)। विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी के विधि विभाग की ओर से आयोजित चौथी वीजीयू आरके रस्तोगी मेमोरियल राष्ट्रीय नेगोशिएशन प्रतियोगिता का समापन विश्वविद्यालय के मुख्य सभागार में हुआ। देश के प्रमुख विधिक संस्थानों और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों की 60 टीमों ने कॉरपोरेट, सिविल और वाणिज्यिक विवादों के काल्पनिक परिदृश्यों पर वार्ता कौशल, तर्कशक्ति और समाधान क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में नालसार यूनिवर्सिटी, हैदराबाद ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि द वेस्ट बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जुडिशियल साइंसेज, कोलकाता उपविजेता रही। बेस्ट नेगोशिएटर का पुरस्कार पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी, देहरादून के देव प्रताप सिंह को और स्पिरिट ऑफ द कॉम्पिटिशन का खिताब एसवीकेएमएस, इंदौर को मिला। मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार ने कहा कि अच्छा वार्ताकार बनने के लिए बेहतर श्रोता होना और तथ्यों पर आधारित संवाद करना जरूरी है। विशिष्ट अतिथि, पूर्व आईएएस अधिकारी एवं सच बेधड़क मीडिया समूह के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक पवन अरोड़ा ने नेगोशिएशन को हार-जीत नहीं, बल्कि समाधान का माध्यम बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से सेवा, त्याग और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। वीजीयू के प्रेसिडेंट प्रो (डॉ.) डीवी एस भगवानुलु ने कहा कि नेगोशिएशन जीवन का हिस्सा है और इससे कई समस्याओं का समाधान संभव है। आयोजन संरक्षक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता राजदीपक रस्तोगी ने स्वर्गीय आरके रस्तोगी के विधिक व सामाजिक योगदान को याद करते हुए प्रतियोगिता को विधिक मूल्यों और नैतिक आचरण को बढ़ावा देने वाला मंच बताया। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई। परिणाम घोषित होने के बाद जर्नी ऑफ वीजीयू के माध्यम से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान और आधारभूत उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। अंत में विधि विभागाध्यक्ष डॉ शिल्पा राव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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