गाँव की चौपाल से शहर के मोहल्लों तक गूँजेगी उपभोक्ता अधिकारों की आवाज
सुरेन्द्र शर्मा
झुंझुनू (नवयत्न)। उपभोक्ता अधिकारों को केवल कानून की किताबों तक सीमित रखने के बजाय आमजन की आवाज और उनके रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बनाने की दिशा में एक अभिनव पहल की गई है। उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की कानूनी ताकत से आम उपभोक्ता को रूबरू करवाने के उद्देश्य से मंगलवार को 101 दिवसीय कंज्यूमर वॉइस न्यायोत्सव-2 जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान 5 फरवरी 2027 तक चलेगा। गौरतलब है कि अभियान के पहले चरण के तहत हर खरीद पर बिल लेने के लिए 2 लाख 50 हजार 768 उपभोक्ताओ ने शपथ ली थी। गत वर्ष यह अभियान 30 दिन चला था। इस बार इसकी अवधि 101 दिन तय की गई है। जिला आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य गाँव की चौपाल से लेकर शहर के प्रत्येक मोहल्ले तक उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी पहुँचाना, नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित करना है।
चौपालों और मोहल्लों में लगेगा अधिकारों का संदेश
अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत की चौपाल तथा नगरपालिका और नगर परिषद के वार्डों के प्रमुख चौक-चौराहों पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त कानूनी अधिकारों की जानकारी देने वाले फ्लेक्स लगाए जाएंगे। इसका मकसद है कि आम नागरिक अपने अधिकारों को समझें, अनुचित व्यापारिक व्यवहार के प्रति सजग रहें और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी उपायों का सहारा ले सकें।
विद्यार्थी बनेंगे जागरूकता अभियान की ताकत
न्यायोत्सव में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशाल जन-जागरूकता प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से उपभोक्ता अधिकारों, जागरूक खरीदारी, सही जानकारी और कानूनी संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों की समझ विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
खेल, साहित्य और जनसंवाद से जुड़ेगा जन-जन
अभियान को व्यापक सामाजिक स्वरूप देने के लिए प्रशासन और पत्रकारों के सहयोग से खेल एवं साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से उपभोक्ता जागरूकता को जनसंवाद, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सामाजिक सहभागिता से जोड़ने की योजना है।
अवकाश के दिन भी जनता के बीच पहुँचेंगे अध्यक्ष
101 दिवसीय न्यायोत्सव की एक प्रमुख विशेषता यह होगी कि अवकाश के दिनों में तहसील एवं उपखंड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील स्वयं उपस्थित रहेंगे। इससे स्थानीय नागरिकों तक उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी पहुँचाने और उन्हें जागरूकता अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं से संवाद, नए वकीलों को प्रोत्साहन
उपभोक्ता न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं से स्नेहपूर्ण मुलाकातें की जाएगी। इनके माध्यम से उपभोक्ता अधिकारों की अलख जगाने तथा नए अधिवक्ताओं को उपभोक्ता कानून के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सरकारी कर्मचारियों तक पहुँचेगी कानूनी जानकारी
जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में राजकीय कर्मचारियों के बीच भी उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की जानकारी साझा करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इसका उद्देश्य सरकारी तंत्र में उपभोक्ता अधिकारों के प्रति समझ विकसित करना और जागरूकता के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुँचाना है।
कानून की जानकारी ही सशक्त उपभोक्ता की पहली ताकत
कंज्यूमर वॉइ न्यायोत्सव का मूल संदेश स्पष्ट है-उपभोक्ता अपने अधिकारों को जाने, सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले और अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में उपलब्ध कानूनी उपायों के प्रति जागरूक रहे। 101 दिनों तक चलने वाली यह पहल उपभोक्ता जागरूकता को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। अब इस अभियान की सफलता इस बात से आँकी जाएगी कि उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी कितने लोगों तक पहुँचती है और कितने नागरिक अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर उनका प्रभावी उपयोग कर पाते हैं।