फर्जी टीसी से रोडवेज नौकरी: चालक के खिलाफ चार्जशीट

 

 

 

सपना शर्मा

 

जयपुर/ झुंझुनू (नवयत्न)। विधायकपुरी थाना पुलिस ने राजस्थान रोडवेज में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर चालक की नौकरी हासिल करने वाले आरोपी सतवीर सिंह के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी है। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ने करीब तीन दशक तक विभाग को गुमराह कर सरकारी वेतन और भत्तों का लाभ उठाया।

 

मामले की शुरुआत जयपुर आगार के मुख्य प्रबंधक की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत से हुई। आरोप था कि सतवीर सिंह ने वर्ष 1993 में चालक पद पर नियुक्ति के लिए झुंझुनू जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सौंथली की फर्जी स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) प्रस्तुत की थी।

जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित स्कूल से रिकॉर्ड का मिलान कराया, जिसमें पाया गया कि आरोपी द्वारा जमा कराई गई टीसी का क्रमांक और अन्य विवरण स्कूल के मूल रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते। इससे दस्तावेजों के फर्जी होने की पुष्टि हुई।

 

जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा

 

पुलिस जांच में आरोपी अपने दस्तावेजों की सत्यता का कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406, 467, 468 और 471 (जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग) के तहत मामला प्रमाणित माना।

आरोपी को 21 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने 32 से अधिक दस्तावेज (अनुलग्नक) और 12 गवाहों के बयान जुटाए, जिन्हें चार्जशीट का आधार बनाया गया है।

 

सरकारी कोष को नुकसान

 

चार्जशीट के अनुसार आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी प्राप्त कर वर्षों तक वेतन और भत्ते लिए, जिससे सरकारी कोष को आर्थिक नुकसान पहुंचा।

 

अब आगे क्या

 

चार्जशीट पेश होने के बाद अब मामला ट्रायल की ओर बढ़ेगा। 28 अप्रैल को जयपुर मेट्रो प्रथम कोर्ट में सुनवाई निर्धारित है, जहां कोर्ट मामले में प्रसंज्ञान लेकर आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।

वहीं, आरोपी की ओर से जयपुर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर भी सुनवाई प्रस्तावित है। हालांकि, आरोपी द्वारा दायर अवमानना याचिका पहले ही 16 फरवरी को खारिज हो चुकी है।

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