मजदूरों को रोकने की मुहिम

नई दिल्ली 8 मई। कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन को लागू किए 44 दिन हो चुके हैं। ऐसे में सबसे बड़ी दिक्कत उन उद्यमियों के सामने खड़ी हो गई है, जिनकी कंपनियां लगभग डेढ़ महीने से बन्द हैं। वहीं, मजूदरों के पलायन के चलते लॉकडाउन खुलने के बाद भी इस समस्या से निजात मिलती नहीं दिखाई दे रही है। यही कारण है कि जहां दिल्ली और हरियाणा के सरकारें पूरा जोर लगा रही हैं कि मजदूर अपने घरों को न लौटें। वहीं, मप्र, छग में कई तरह की छूट देकर उद्यमियों को कुछ राहत दी गई है। श्रमिक चले गए तो उद्धोग बंद हो जाएंगे। ऐसे में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा ही। इसके साथ ही जब मजदूर लौटेंगे तो उन्हें भी काम नहीं मिलेगा। वहीं, दिल्ली के मुख्य सचिव विजय देव की ओर से भी साफ किया गया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जो आदेश दिए हैं वह व्यवस्था केवल उनके लिए है, जो लोग दिल्ली में किसी काम से आए थे और लॉकडाउन के कारण यहां रह गए हैं। दिल्ली में जो लोग रह रहे हैं, काम धंधा कर रहे थे। उनके लिए वह सुविधा नहीं है।

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