विधायक हरलाल सहारण, भाजपा नेता पराक्रम सिंह को कांग्रेस नेताओं ने दिखाए काले झंडे
अमित प्रजापत
सुजानगढ़ (नवयत्न) । सुजानगढ़ शहर के एन.के. लोहिया स्टेडियम में बुधवार रात स्टेडियम की चारदीवारी निर्माण के उद्घाटन कार्यक्रम से पहले ही माहौल गरमा गया। अधूरी चारदीवारी निर्माण कार्य और स्टेडियम में हुई भर्ती का लोकार्पण करने सम्बंधी शिलापट्ट पर भाजपा से चूरू विधायक हरलाल सहारण का नाम लिखे जाने और शिलापट्ट पर सुजानगढ़ से कांग्रेस विधायक मनोज मेघवाल का नाम अंकित नहीं होने से कांग्रेस कार्यकर्ता भड़क गए। मुख्य कार्यक्रम क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन था, उससे पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध और प्रदर्शन शुरू कर दिया और अधूरे कार्य का उद्घाटन करने के प्रयास को नाजायज बताया। इस दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से उप पुलिस अधीक्षक दरजाराम बोस, प्रशिक्षु आरपीएस विनोद कुमार ने प्रदर्शनकारियों से समझाईश के काफी प्रयास किए। लेकिनप्रदर्शनकारी नहीं माने। दूसरी ओर मामले की जानकारी मिलने पर तहसीलदार गिरधारीलाल पारीक मौके पर पहुंचे और उनसे जब पुलिस प्रशासन के लोगों और भाजपा नेताओं से बात हुई, तो उन्होंने कहा कि जब काम ही पूरा नहीं हुआ, तो उद्घाटन का शिलापट्ट लगाने का क्या औचित्य है। जिस पर भाजपा नेता बाबूलाल कुलदीप ने कहा कि सभापति के सेवाकाल पूरा होने के बाद भी कांग्रेस नेताओं ने काफी जगह पत्थर लगाए हैं। जिस पर तहसीलदार ने कहा कि नगरपरिषद के अधिकारियों को बुलाते हैं। इस पर नगरपरिषद की सहायक अभियंता चारवी, एटीपी उदयसिंह मौके पर पहुंचे। लेकिन फिर भी कोई एकराय इस उद्घाटन को लेकर नहीं बनी और कांग्रेस नेता उतरी गेट की तरफ प्रदर्शन करते रहे।
एक घंटे तक चला प्रतियोगिता का उद्घाटन:
रात्रि करीब साढ़े आठ बजे के बाद गणेश मंदिर के सामने वाले गेट से भाजपा विधायक हरलाल सहारण, चूरू जिला खेल संघ के अध्यक्ष पराक्रम सिंह राठौड़ स्नेह मिलन रात्रिकालीन क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन करने के लिए पहुंचे। जहां पर हरलाल सहारण और पराक्रम राठौड़ ने ट्रॉफी का अनावरण किया। उसके बाद मंच पर मौजूद विधायक हरलाल सहारण, पराक्रम राठौड़, विक्रमसिंह सांखला, महवीर परावा, भाजपा एससी मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता बाबूलाल कुलदीप, मंडल भाजपा के अध्यक्ष विनय माटोलिया, सत्यवीर, दिलीप प्रजापत, दीनदयाल पारीक, पवन सोनी, पंकज घासोलिया, नारायण, हरीओम खोड़, गंगाधर लाखन, विक्रमसिंह, श्रीनिवास लिंबा, पवन तोदी, महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री जयश्री दाधीच, युवा मोर्चा संयोजक हिमांशु भाटी, गिरधारीलाल बुगालिया आदि अतिथियों का स्वागत किया गया। राजा खान, आसिफ खान, अकरम, विक्की चौहान, शिवभगवान चौहान, भाजपा नेता कमल दाधीच सहित अनेक लोगों ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए भाजपा के मंडल अध्यक्ष विनय माटोलिया, भाजपा नेता बाबूलाल कुलदीप ने सुजानगढ़ को खेल स्टेडियम देने की मांग रखी। वहीं जयश्री दाधीच ने स्टेडियम के लिए खिलाड़ियों के संघर्ष को सलाम किया। दूसरी ओर चूरू जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष पराक्रम राठौड़ ने कहा कि खेल कांग्रेस-बीजेपी का नहीं है, खेल प्रेमियों का है। विरोध करने वाले लोगों को सोचना चाहिए कि वो क्या कर रहे हैं? उन्होंने स्टेडियम की मांग पर सकारात्मक प्रयास करने का आश्वासन दिया। दूसरी ओर चूरू के विधायक हरलाल सहारण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यही कहना है कि खेलेगा इंडिया, तभी आगे बढ़ेगा इंडिया। उन्होंने आयोजकों को बधाई दी। वहीं भाषण के बाद आतिशबाजी के बीच अतिथियों को मैदान पर ले जाया गया और टॉस करवाकर पराक्रम राठौड़ और हरलाल सहाराण ने बॉल खेलकर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। उसके बाद राष्ट्रगान के बाद उद्घाटन मैच शुरू हो गया।
कैसे खड़ा हो गया बवाल, दिखाये काले झंडे:
प्रतियोगिता के उद्घाटन के बाद एंकर भाजपा नेता कमल दाधीच ने शिलापट्ट के अनावरण की अनाउंसमेंट कर दी, जिसके चलते सभी अतिथि उस गेट पर पहुंचे गए, जहां पर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पहले से ही विरोध कर रहे थे। हरलाल सहारण और पराक्रम राठौड़ के पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं ने खुले रूप से काले झंडे दिखाए और विरोध दर्ज करवाते हुए हरलाल सहारण के सामने ही शिलापट्ट को तोड़ डाला। भारी विरोध के बीच दोनों तरफ के लोगों में छीना झपटी, रस्साकस्सी और जिद बहस हुई। उसके बाद अतिथि स्टेडियम में वापस चले गए। लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए स्टेडियम में घुसने का जबरन प्रयास किया, जिनको रोकने के लिए पुलिस बल ने स्टेडियम का गेट बंद करना पड़ा। इस दौरान पुलिसबल के काफी मशक्कत करनी पड़ी और पुलिसकर्मियों के साथ कांग्रेस नेताओं की कहासुनी हुई। कांग्रेस नेता अमित मारोठिया, विजय बटेसर, सौरभ पीपलवा, इकबाल खान कायमखानी, सलीम खान गाजी, सफी मोहम्मद, आसिफ नसवाण, आवेश राव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा विधायक हरलाल सहारण और भाजपा नेता पराक्रम सिंह राठौड़ को काले झंडे दिखाये। करीब दो मिनट तक पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच संघर्ष जारी रहा। उसके बाद प्रदर्शनकारियों ने गणेश मंदिर चौराहे की ओर जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उनको रोका और हल्का बल प्रयोग करने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी पुलिस से आमने सामने हो गए। प्रदर्शनकारियों ने अतिथियों की गाड़ियों की तरफ बढ़ने की कोशिश की, जिनको रोकने के लिए पुलिस ने जी जान लगा दी।
दूसरी ओर भीड के इधर उधर भागने के कारण अफरा तफरी का माहौल बन गया। कुछ लोगों ने पत्थर भी फेंक दिए, जिससे कुछ लोग चोटिल हुए। कांग्रेसियों ने शिलापट्ट तोड़ा, तो गणेश मंदिर के सामने स्थित शिलापट्ट को भी कुछ दूसरे लोगों ने तोड़ डाला। इस शिलापट्ट पर यूडीएच मंत्री झाबरसिंह खर्रा का नाम अंकित था। इसी गेट से भाजपा के नेताओं का आना-जाना था। इसी बीच अतिथियों की गाडियों को थाने के सामने से पुलिस ने निकलवाया और स्थिति को नियंत्रण में किया। वहीं घटना के बाद भाजपा नेता जय श्री दाधीच ने कहा है कि कांग्रेस वाले सुजानगढ़ को बंगाल बनाना चाहते हैं और शांत सुजानगढ़ में यह निंदनीय घटना कांग्रेस ने कर दिखाई, जो काबिले बर्दाश्त नहीं है। वहीं भाजपा नेता बाबूलाल कुलदीप ने कहा कि भाजपा नेताओं पर हमला कतई स्वीकार नहीं है, जनता ऐसे लोगो को सबक सिखाएगी और हम जल्द ही मीटिंग करके सीएम से इस मामले को लेकर मिलेंगे।
दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अधूरे कार्य का उद्घाटन किया जा रहा है और स्थानीय विधायक की अनदेखी की गई है। वहीं विधायक हरलाल सहारण ने शिलापट्ट तोड़ने की घटना को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए इसे ओछी हरकत करार दिया। मौके पर डीएसपी दरजाराम सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। गुरूवार को दिनभर इसी घटना की चर्चा लोगों के बीच चलती रही। इस मामले में जनहित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एडवोकेट रामकुमार मेघवाल ने बताया कि दोनों पार्टियों को अपनी मर्यादा में रहना चाहिए और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए। इस प्रकार की घटनाएं दुबारा न हों, इसके लिए दोनों पार्टियो को अपने अंदर झांककर चिंतन करने की जरूरत है।