तालछापर में वन्यजीवों की बहार : काले हरिणों का कुनबा बढ़कर 5661 पार पहुंचा

नवरतन वर्मा
चूरू (नवयत्न) । एशिया में काले हिरणों की शरणस्थली के रूप में प्रसिद्ध तालछापर कृष्णमृग अभयारण्य में इस वर्ष वन्यजीवों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बुद्ध पूर्णिमा पर हुई वार्षिक गणना के बाद वन विभाग ने आंकड़े जारी किए हैं, जिनमें काले हिरणों सहित अधिकांश वन्यजीवों की संख्या बढ़ना सामने आया है।
वन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में जहां काले हिरणों की संख्या 5302 थी, वहीं वर्ष 2026 में यह बढ़कर 5561 हो गई है। इस तरह एक साल में 259 काले हिरणों की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में इनमें 2078 नर, 2799 मादा और 684 शावक शामिल हैं। खास बात यह रही कि सबसे ज्यादा बढ़ोतरी मादा हिरणों की संख्या में हुई है।
अन्य वन्यजीवों में भी बढ़ोतरी
गणना के अनुसार चिंकारा की संख्या 153 से बढ़कर 161, नीलगाय 99 से 104 और जंगली सूअर 157 से बढ़कर 163 हो गए हैं। इसके अलावा जंगली बिल्ली, मरू बिल्ली, लोमड़ी, मरू लोमड़ी, सियार, मोर, शिकारी पक्षी, सांडा और खरगोश की संख्या में भी आंशिक वृद्धि दर्ज की गई है।
हालांकि भेड़िये की संख्या 1 पर स्थिर रही, जबकि सियारों की संख्या 5 से बढ़कर 7 हो गई।
वैज्ञानिक तरीके से हुई गणना
वन विभाग ने अभयारण्य में 9 स्थानों पर ट्रांजिट लाइन, वाटर हॉल और कैमरा ट्रैप पद्धति से 24 घंटे लगातार निगरानी कर गणना की। इस कार्य में विभाग की 9 टीमों को लगाया गया था।
अधिकारियों ने बताया कारण
डीएफओ भवानी सिंह के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर 1 और 2 मई को जिले में वन्यजीव गणना की गई, जिसके लिए 48 वाटर पॉइंट बनाए गए थे। उन्होंने बताया कि बेहतर संरक्षण, पर्याप्त भोजन और अनुकूल वातावरण के कारण वन्यजीवों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
एसीएफ क्रांति सिंह ने भी इसे विभाग की सतर्कता और सुरक्षित भौगोलिक वातावरण का परिणाम बताया। वहीं रेंजर उमेश बागोतिया के नेतृत्व में पूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
वर्ष 2025 बनाम 2026 का तुलनात्मक आंकड़ा

1. काले हिरण: पहले 5302 ओर अब 5661
2. चिंकाराः पहले 153 ओर अब 161
3.जंगली सूअरः पहले 157 ओर अब 163
4. जंगली बिल्लीः पहले 33 ओर अब 37
5.मरू बिल्ली: पहले 45 ओर अब 46 सामान्य
6. लोमड़ीः पहले 50 ओर अब 51
7. मरू लोमड़ीः पहले 69 ओर अब 72
8.भेड़ियाः पहले 01 ओर अब 01
9. नीलगायः पहले 99 ओर अब 104
10. सियारः पहले 05 ओर अब 07
11.मोरः पहले 237 ओर अब 246
12.शिकारी पक्षीः पहले 295 ओर अब 298
13. सांडा: पहले 16020 ओर अब 16803
14. खरगोशः पहले 109 ओर अब 113
जिले में भी बढ़े वन्यजीव
तालछापर के अलावा चूरू, राजगढ़, तारानगर और सरदारशहर क्षेत्रों में भी चिंकारा की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिले में मोरों की कुल संख्या बढ़कर 2175 हो गई है।
कुल मिलाकर तालछापर कृष्णमृग अभयारण्य से आई यह खबर साफ संकेत देती है कि जब संरक्षण, निगरानी और प्राकृतिक संतुलन साथ चलते हैं, तो नतीजे भी सकारात्मक ही आते हैं। काले हिरणों सहित अन्य वन्यजीवों की लगातार बढ़ती संख्या न केवल पर्यावरण के लिए राहत की खबर है, बल्कि यह वन विभाग के प्रयासों की बड़ी सफलता भी है।
आने वाले समय में अगर इसी तरह संरक्षण जारी रहा, तो तालछापर देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए वन्यजीव संरक्षण का एक आदर्श मॉडल बन सकता है।

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