आम स्किल्स को कम्बाइन करके आगे बढ़ने का आइडिया ही टैलेंट स्टैकिंग है
टैलेंट स्टैकिंग का कॉन्सेप्ट विश्व प्रसिद्ध कॉमिक स्ट्रिप डिलबर्ट के रचयिता स्कॉट एडम्स ने दिया है। उनके अनुसार एक्सट्राऑर्डिनरी बनने के लिए जरूरी स्किल न होने तक अपनी आम स्किल्स को कम्बाइन करके आगे बढ़ने का आइडिया ही टैलेंट स्टैकिंग है। इसे समझाते हुए स्कॉट एडम्स अपना ही उदाहरण देते हैं कि दूसरे आर्टिस्ट की तुलना में वे बहुत मामूली आर्टिस्ट और एक औसत राइटर हैं जिसने कॉलेज के स्तर पर कभी राइटिंग का कोर्स नहीं किया है। वे कुछ हद तक फनी है लेकिन बहुत सारे लोग उनसे कई गुना ज्यादा फनी हैं। इंस्टाग्राम, टिकटॉक के इंफ्लुएंसर भी टैलेंट स्टैक का उदाहरण बिजनेस में भी वे एक्सपर्ट नहीं हैं लेकिन अपनी इन सभी औसत स्किल्स को समझदारी से कम्बाइन करके वे खुद को 65 देशों के 150 मिलियन डेली रीडर्स और 75 मिलियन डॉलर नेट वर्थ वाले एक सक्सेसफुल कार्टूनिस्ट और राइटर के मुकाम तक पहुंचा पाए हैं। मौजूदा दौर के इंस्टाग्राम और टिकटॉक के इंफ्लुएंसर मिलियनेयर्स भी टैलेंट स्टैक का एक अच्छा उदाहरण हैं जो किसी एक डोमेन में वर्ल्ड क्लास स्किल नहीं बल्कि औसत स्किल्स रखते हैं मसलन ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, इंडस्ट्री नॉलेज, ऑनलाइन मार्केटिंग, प्रेजेंटेशन स्किल्स, वीडियो मेकिंग आदि। टैलेंट स्टैकिंग के फायदे अब ऐसी स्किल्स के कॉम्बिनेशन को महत्व दिया जाने लगा है जो आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। उदाहरण के लिए जिस सॉफ्टवेयर डेवलपर के पास टीम के साथ काम करने की इंटरपर्सनल स्किल्स, क्लाइंट्स को प्रभावित करने के लिए बेहतरीन प्रेजेंटेशन स्किल्स, एक मजबूत नेटवर्क है मनचाही जॉब और सैलरी हासिल करने में सफल होगा।