परीक्षा की अंतिम दौर की तैयारी एवं समय प्रबंधन

कुछ दिनों में बोर्ड एग्जाम शुरू होने वाले हैं यह समय बच्चों के लिए तैयारी को फाइनल रूप देने का है ऐसे समय में समय प्रबंधन अति महत्वपूर्ण है लिए जाने समय प्रबंधन एवं अंतिम तैयारी ।
( दैनिक नवयत्न )
सब टॉपिक :
1 टाइम टेबल के अनुसार विषयों का रिवीजन :~ हर विषय को छात्र अपने स्तर के अनुसार रणनीति बनाकर रिवीजन करें आने वाले तथ्य को बार-बार नहीं पढ़े एवं जो टॉपिक्स बिल्कुल भी नहीं आते हैं उन्हें अंतिम दौर में नहीं पड़े जो टॉपिक आपको कंठस्थ है उनको परीक्षा के एक या दो दिन पहले रिवीजन करें इस समय उन टॉपिक पर फोकस करें जो स्कोरिंग करने में सहायक हैं जैसे फार्मूले, डायग्राम ,रेफरेंस आदि ।
अंतिम दौर में आपकी पीछे के टेस्टों या प्री बोर्ड की छोटी मिस्टेक रही है उन पर भी फोकस करें।

2 ब्रेक बनाए रखेगा ऊर्जावान:~ लगातार रिवीजन करना मस्तिष्क को बोरिंग करता है इसलिए 30 मिनट पढ़े व 5 मिनट का ब्रेक ले यह तरीका आपके दिमाग को थकने से रोकता है एवं एनर्जी बनी रहती है आपके एकाग्रचित होकर अध्ययन करने में भी सहायक है ।

3. शेड्यूल में करें बदलाव:~ एन वक्त में तैयारी के लिए अपने सालों में बदलाव करें जैसे
१. प्रातः काल में कठिन विषयों का रिवीजन करें
२. दोपहर में हल्के वह आसान टॉपिक पढ़ें।
३. शाम के समय में थ्योरी वाली टॉपिक को पढ़ें

4. पर्याप्त नींद लेना जरूरी:~ बच्चे देर रात तक जाकर एवं सुबह जल्दी उठकर पढ़ते हैं तो नींद पूरी नहीं हो पाती है यह आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है एवं स्मरण शक्ति व स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव डालती है।

5. घबराहट का समाधान:~ इस अंतिम दौर की तैयारी के समय अधिकतर बच्चों को यह लगता है कि उनको कुछ भी याद नहीं है अक्सर अच्छी तैयारी करने वाले बच्चों का परीक्षा में दबाव के कारण आत्मविश्वास कम होने लगता है और घबराहट में उनको लगता है कि वह भूल रहे हैं ऐसे में दूसरों से तुलना ना करते हुए गहरी सांस लें जब तनाव हो एवं स्वयं आत्मविश्वास बनाकर अपनी तैयारी को कम नहीं होने दें।
6. परिवार की भूमिका:~ पारिवारिक सदस्य बच्चों पर अंकों का वह पढ़ने का दबाव नहीं बनाएं उनके साथ बैठकर सकारात्मक बातें करें ।
बच्चों को उनके क्षमता के अनुसार समय सारणी बनाने दें ।
उनके स्वास्थ्य एवं नींद व खानपान का पर्याप्त ध्यान दें।
7. खेलकूद में शारीरिक गतिविधियां परीक्षा से पूर्व है व परीक्षा के दिनों के दौरान बच्चों को पूर्व से निर्धारित खेल व शारीरिक गतिविधियों से दूर नहीं करें।
ये इस दौरान उनके मानसिक स्वास्थ्य को मजबूती प्रदान करती हैं ।

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