लोहार्गल मेले में सुरक्षा-सुविधाओं पर रहेगा प्रशासन का फोकस, कलेक्टर ने ली बैठक
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नवलगढ़ (नवयत्न)। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल लोहार्गल में अमावस्या मेले और 24 कोसीय परिक्रमा की तैयारियों को लेकर बुधवार को जिला कलेक्टर डॉ अरुण गर्ग ने अधिकारियों की बैठक ली। लोहार्गल स्थित माहेश्वरी धर्मशाला में हुई बैठक में 5 से 11 सितंबर तक होने वाली परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर विभागवार जिम्मेदारियां तय की गई। कलेक्टर ने अतिक्रमण, एंबुलेंस, चिकित्सा, पार्किंग, सफाई और शौचालयों की व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि परिक्रमा मार्ग और मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने परिक्रमा मार्ग, कुंड क्षेत्र और बरखंडी पहाड़ी मार्ग का निरीक्षण भी किया। कलेक्टर ने श्रद्धालुओं से अपील की कि बरखंडी पहाड़ी की कठिन चढ़ाई को देखते हुए सक्षम और स्वस्थ होने पर ही यात्रा करें। बैठक में नवलगढ़ एसडीएम प्रांजल कंवर, तहसीलदार बजरंगलाल मीणा, सीओ सुगन सिंह, विकास अधिकारी रितेश सांखला, गोठड़ा थानाधिकारी प्रेमप्रकाश, बीसीएमओ डॉ प्रहलाद सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, पंचायतों के प्रशासक और ग्रामीण मौजूद रहे।
अतिक्रमण हटाने के निर्देश
लोहार्गल, चिराना, पहाड़ीला और रामपुरा पंचायत क्षेत्र से होकर परिक्रमा मार्ग गुजरता है। संबंधित प्रशासन को मार्ग की व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। सडक़ किनारे से अतिक्रमण हटाने और मार्ग को सुगम बनाने के लिए भी कहा गया।
एंबुलेंस और चिकित्सा केंद्र रहेंगे तैनात
मेले के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा अस्थाई चिकित्सा काउंटर भी लगाए जाएंगे, ताकि जरूरत पडऩे पर श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार मिल सके।
गोल्याणा में होगी पार्किंग
एसपी कावेंद्र सागर ने यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश दिए। गोल्याणा में पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। वाहनों को बेरिकेडिंग के जरिए गोल्याणा स्टैंड पर ही रोकने की व्यवस्था रहेगी। मेले और परिक्रमा के दौरान अतिरिक्त पुलिसकर्मी भी तैनात किए जाएंगे।
सफाई और शौचालयों की व्यवस्था
कलेक्टर ने मेला क्षेत्र और परिक्रमा मार्ग पर नियमित सफाई करवाने के साथ पर्याप्त संख्या में अस्थाई शौचालय उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए। बेसहारा पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर भेजने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो।