राजकीय विद्यालयों में भामाशाह अग्रवाल ने भेंट किए स्मार्ट टीवी

सुभाष वर्मा
तारानगर (नवयत्न)। शिक्षा के क्षेत्र में भामाशाहों के सहयोग से एक नई क्रांति की शुरुआत हुई है। तारानगर तहसील विकास एसोसिएशन, नई दिल्ली के अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध भामाशाह श्यामसुंदर अग्रवाल (चाचान) द्वारा तारानगर ब्लॉक के विभिन्न राजकीय विद्यालयों को आधुनिक तकनीक से परिपूर्ण करने के उद्देश्य से 11 स्मार्ट टीवी प्रदान किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 4 लाख रुपये है। इस अनूठी पहल से ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को भी अब महानगरों की तर्ज पर डिजिटल और स्मार्ट शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। स्मार्ट टीवी वितरण के अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए भामाशाह श्यामसुंदर अग्रवाल ने पुरानी यादों और वर्तमान तकनीक के अंतर को बहुत ही प्रेरणादायक तरीके से सामने रखा। उन्होंने कहा हमारे जमाने में पढ़ाई के लिए केवल पट्टी और चाक का इस्तेमाल होता था, लेकिन आज समय पूरी तरह बदल चुका है। आज का नया जमाना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है। इस आधुनिक युग में हमारी तहसील के बच्चे भी पीछे न रहें और नए युग की उन्नत शिक्षा प्राप्त करें, यह उसी दिशा में हमारी ओर से एक छोटी सी आहुति है। उनके इस विजन का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बच्चों को तकनीकी शिक्षा से जोडक़र उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

हर स्कूल में स्मार्ट टीवी का है लक्ष्य
तारानगर तहसील विकास एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एल डी सरावगी ने एसोसिएशन की आगामी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विभिन्न दानदाताओं और भामाशाहों के सहयोग से तारानगर ब्लॉक के प्रत्येक राजकीय विद्यालय में स्मार्ट टीवी लगवाने का बड़ा विचार किया जा रहा है। एसोसिएशन का यह प्रयास है कि क्षेत्र का कोई भी सरकारी विद्यालय डिजिटल सुविधाओं से वंचित न रहे, जिससे गरीब और जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
अब तक 24 स्कूलों में हो चुके हैं स्मार्ट टीवी इंस्टॉल
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बबलेश शर्मा ने भामाशाहों की इस उदार पहल पर हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इन प्रयासों के परिणाम जमीन पर दिखने लगे हैं और अब तक ब्लॉक के 24 राजकीय विद्यालयों में स्मार्ट टीवी सफलतापूर्वक इंस्टॉल किए जा चुके हैं। इन स्मार्ट उपकरणों के माध्यम से स्कूलों के बच्चे और अध्यापक दोनों ही आधुनिक शिक्षण विधियों का भरपूर लाभ उठा रहे हैं और कक्षाओं में पठन-पाठन का माहौल अधिक रोचक व प्रभावी बन गया है। भामाशाहों और शिक्षा विभाग का यह समन्वित प्रयास तारानगर के शैक्षिक विकास में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है, जिससे सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी जा रही है।

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