खाने में छिपकली की सूचना से मचा हडक़ंप, 62 बच्चों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
अमित प्रजापत
सुजानगढ़ (नवयत्न)। निकटवर्ती गांव सूरवास में उस वक्त हडक़ंप मच गया, जब गांव के सरकारी स्कूल में कथित दूषित भोजन से बच्चों की तबीयत बिगडऩे की जानकारी फैल गई। जानकारी के अनुसार गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मिड डे मील (पोषाहार) खाने से उल्टी, जी घबराने की शिकायत कुछ बच्चों को हुई। जिसके बाद भोजन में छिपकली दिखने की बात सामने आई। देखते ही देखते बच्चों में जी घबराने की शिकायत बढऩे लगी। जिसके बाद कुल 62 बच्चों को राजकीय बगडिय़ा अस्पताल लाया गया, जिनमें से करीब 3 दर्जन बच्चों का उपचार भी किया गया। बाकी बच्चों को बैक्टीरिया रोधी दवा पिलाई गई। आधी छुट्टी के समय में बच्चो के खाने में सब्जी में छिपकली गिरने की सूचना पर चिकित्सा विभाग द्वारा खाने के सैंपल भी लिए गए हैं। स्कूल के कुल 62 बच्चों को निजी संसाधनों और एम्बुलेंस के जरिए राजकीय बगहडय़ा अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। सूचना मिलते ही शिक्षा और चिकित्सा विभाग में हडक़ंप मच गया। सूचना पर सुजानगढ़ एसडीएम ओमप्रकाश वर्मा, तहसीलदार अर्जुनलाल सालोदिया, सीबीईओ रणजीत भींचर, कोतवाली एएसआई महेंद्र सिंह भी अस्पताल पहुंचे तथा मामले की जानकारी ली। बीमार बच्चों को टीम हारे का सहारा संयोजक श्याम स्वर्णकार, एम्बुलेंस चालक सिकंदर खान, नवरत्न बिजारणिया, 108 के कैलाश, कृष्ण कुमार, विक्रम सैनी, निजी गाड़ी चालक गणपत राम, त्रिलोक चंद, प्रहलाद दर्जी गोपालपुरा, विक्रम चायल सुरवास, गोपाल जाखड़ आदि की सहायता से सरकारी अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया। दो घंटे में बच्चों को उपचार के बाद वापस गांव भेज दिया गया। 3 बच्चों के एहतियात के तौर पर अभी भी सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सूचना पर छापर थानाधिकारी पृथ्वीराज, एएसआई रमेश कुमार, गोपालपुरा प्रशासक सविता राठी भी स्कूल पहुंचे तथा मामले की जानकारी ली। पीडि़तों का इलाज पीएमओ डॉ पुरुषोत्तम करवा, डॉ रघुवीर तुनवाल, डॉ कपीश सोनी, डॉ विवेक सोनी, नर्सिंग ऑफिसर ओमप्रकाश प्रजापत, सुशीला, हंसराज, कन्हैया लाल सैनी और अन्य ने किया। घटना के बाद परिजनों मै भारी आक्रोश देखा गया। जानकारी के अनुसार बच्चों को आलू टमाटर की सब्जी और रोटी दी गई थी सब्जी में छिपकली के होने या गिरने की वजह से ये घटना हुई। सभी बच्चो की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है। दूसरी और ग्रामीण मघाराम ने बताया कि सब्जी में छिपकली मिलने से बच्चों में डर फैल गया और एक के बाद एक बच्चे बीमार होने लगे। अध्यापिका मोनिका ने बताया कि छिपकली का छोटा बच्चा खाने के परोसते वक्त दिखा, जिसके कारण बच्चों में डर फैल गया। वहीं छिपकली का बच्चा सब्जी में था या नहीं था इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी देने को तैयार नहीं है।
जिला कलेक्टर को भेजी रिपोर्ट
मामले में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर पूरी रिपोर्ट जिला कलेक्टर के पास भिजवाई गई है। सीबीईओ रणजीत भींचर ने बताया कि 62 बच्चों में से तीन बच्चों को एहतियात के तौर पर बगडिय़ा अस्पताल में रखा गया है। उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर को पूरे मामले की जानकारी भेजी गई है। जिला कलेक्टर के आगामी आदेशों पर नियम अनुसार कार्यवाही की जाएगी। वहीं लापरवाही किसी स्तर पर हुई है इस सवाल के जवाब में सीबीईओ ने कहा कि जांच के बाद ही पूरा मामला साफ हो पाएगा। उन्होंने बताया कि फूड पॉइजनिंग केवल 6-7 बच्चों को ही हुई थी, बाकी बच्चों में डर बैठ गया था। क्योंकि खाना तो 100 से अधिक लोगों ने खाया था, जिसमें स्टाफ सदस्य भी शामिल थे।