विद्या सम्बल योजना के स्थान पर स्थायी शिक्षक भर्ती की मांग
सपना शर्मा
सीकर (नवयत्न)। विद्या सम्बल योजना के तहत विद्यालयों में अस्थायी रूप से गेस्ट फैकल्टी लगाए जाने की योजना को निरस्त करने की मांग को लेकर बाजोर फाउंडेशन, सीकर ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर स्थायी शिक्षक भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग की है। बाजोर फाउंडेशन की संरक्षकचंपा बाजोर ने कहा कि राज्य के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में यदि स्थायी पद स्वीकृत हैं और उनकी आवश्यकता लगातार बनी हुई है, तो उन्हें अस्थायी व्यवस्था से नहीं बल्कि नियमित भर्ती के माध्यम से भरा जाना चाहिए। रिक्त स्थायी पदों के स्थान पर लगातार अस्थायी व्यवस्था को बढ़ावा देना विद्यार्थियों, अभ्यर्थियों, शिक्षकों तथा संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था के दीर्घकालीन हित में उचित नहीं है। चम्पा बाजोर ने विधा संभल योजना लाखों विद्यार्थियों के हितों पर कुठाराघात बताया और कहा कि राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था को गेस्ट फैकल्टी मॉडल नहीं, बल्कि नियमित, पारदर्शी, जवाबदेह और स्थायी शिक्षक भर्ती व्यवस्था की आवश्यकता है। बाजोर फाउंडेशन के संस्थापक मोहन बाजोर ने बताया कि ज्ञापन में लिखा कि राजस्थान के लाखों युवा वर्षों से शिक्षक एवं व्याख्याता भर्ती की तैयारी कर रहे हैं वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा अन्य निर्धारित योग्यताएँ हासिल करने के बाद सरकारी सेवा में चयन की उम्मीद रखते हैं। मोहन बाजोर ने लिखा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21, 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का संवैधानिक आधार प्रदान करता है।
शिक्षा केवल कक्षा में शिक्षक की उपस्थिति का नाम नहीं है। शिक्षा में निरंतरता, जवाबदेही, संस्थागत अनुभव, अकादमिक योजना, विद्यार्थियों के साथ दीर्घकालीन संबंध, मूल्यांकन और मार्गदर्शन भी आवश्यक हैं। मोहन बाजोर ने कहा कि बार-बार बदलने वाली अस्थायी व्यवस्था से विद्यार्थियों की पढ़ाई की निरंतरता प्रभावित होती है, विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की स्थिरता कम होती है, शैक्षणिक योजना प्रभावित होती है, परीक्षा परिणाम एवं विद्यार्थियों की तैयारी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। शिक्षक की स्थायी आवश्यकता को अस्थायी व्यवस्था से पूरा करना शिक्षा के दीर्घकालीन हित में उचित नहीं माना जा सकता। बाजोर फाउण्डेशन ने राजस्थान के युवाओं को स्थायी रोजगार हेतु रिक्त पदों पर तत्काल विज्ञापन जारी कर समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।