सवर्ण आक्रोश सभा में गूंजी यूजीसी नियमों की वापसी और सवर्ण आयोग की मांग

निसं
जयपुर (नवयत्न)। विद्याधर नगर स्टेडियम में रविवार को राष्ट्रीय करणी सेना के नेतृत्व में आयोजित सवर्ण आक्रोश सभा में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। सभा में यूजीसी नियमों की वापसी, आरक्षण व्यवस्था में सुधार, एससी-एसटी एक्ट में संशोधन, ईडब्ल्यूएस प्रक्रिया के सरलीकरण, सवर्ण आयोग के गठन और गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने जैसी मांगें उठाई गईं। राष्ट्रीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव सिंह शेखावत की अगुवाई में आयोजित सभा में सुबह से ही युवाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का पहुंचना शुरू हो गया।
दिया कुमारी को बुलाने की मांग पर बढ़ा तनाव
सभा के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक दिया कुमारी को मौके पर बुलाकर ज्ञापन सौंपने की मांग उठी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दिया कुमारी स्वयं सभा स्थल पर आकर समाज के प्रतिनिधियों से ज्ञापन लें, इसके बाद ही सभा समाप्त कर स्टेडियम खाली किया जाएगा। इस मांग को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस अधिकारियों ने आयोजकों से बातचीत कर समझाइश के जरिए स्थिति संभालने का प्रयास किया।
सीकर रोड की ओर बढ़े युवाओं को पुलिस ने रोका
इसी बीच युवाओं के एक समूह ने सीकर रोड जाम करने की चेतावनी दी और सड़क की ओर बढ़ने लगा। मौके पर तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोककर समझाइश की और वापस सभा स्थल की ओर भेजा। पुलिस की तत्परता से सड़क पर जाम की स्थिति बनने से बच गई।
लक्ष्मी तंवर का अनशन समाप्त
सभा के दौरान अनशन कर रहीं लक्ष्मी तंवर को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बजरंग सिंह शेखावत ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। प्रशासन की ओर से उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद उन्होंने अनशन समाप्त किया।
आश्वासन नहीं, ठोस निर्णय की मांग
राष्ट्रीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव सिंह शेखावत ने कहा कि सभा किसी एक समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि सर्व समाज के अधिकारों और न्याय से जुड़े मुद्दों को उठाने का मंच है। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था में सुधार, यूजीसी नियमों की वापसी, एससी-एसटी एक्ट में संशोधन और ईडब्ल्यूएस प्रक्रिया को सरल बनाने की मांगों पर सरकार से गंभीरता से विचार करने की अपील की। शेखावत ने कहा कि सवर्ण आयोग का गठन कर समाज की समस्याओं के समाधान के लिए संस्थागत व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन मिला है, लेकिन समाज अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस निर्णय और कार्रवाई चाहता है। सभा का समापन प्रशासन और आयोजकों के बीच बातचीत के बीच हुआ।

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