प्रत्येक व्यक्ति की बातों को लेकर मत हों गंभीर : नामदेव
अमित प्रजापत
सुजानगढ़ (नवयत्न) । अंक ज्योतिषाचार्य सुरेंद्र नामदेव ने कहा है कि हर किसी के टोकने से अगर हमारे जीवन में ध्यान भंग होकर हम लोग निर्णय लेने लग जाते हैं, तो हम लोग अपने जीवन को गलत दिशा में ले जा रहे हैं। खासकर युवाओं और मेहनत के साथ परीक्षा या किसी लक्ष्य की तैयारी करने वाले लोगों को इंगित करते हुए सुरेंद्र नामदेव ने कहा है कि आजकल यह देखने में आता है कि किसी के भी कहने पर युवा अपना ध्यान भंग करके उस विषय या जिद बहस में संलग्न हो जाते हैं, जो उनके किसी काम की नहीं होती और वे अपने जीवन के उपयोगी मूल लक्ष्य से धीरे-धीरे काफी दूर हो जाते हैं और फिर सपने-सपने ही रह जाते हैं। नामदेव ने इसका समाधान बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में कम से कम केवल 6-7 व्यक्तिगत लोगों की सूची बनानी चाहिए, जिनकी बातों पर गंभीरता के साथ मनन करना आवश्यक हो। केवल उनके कहने से ही हमारे जीवन में कोई असर होना चाहिए। बाकी अगर राह चलते व्यक्तियों की बातों को लोग गंभीरता से लेकर अपनी शक्तियों को दूसरी दिशा में लगा देते हैं। कभी-कभी तो एक व्यक्ति के कमेंट से लोग जीवन भर नाराज तक बने रहते हैं। तो ये मूर्खता के अलावा और कुछ नहीं। आजकल इसका सीधा सा असर देखा जा सकता है कि सबके पास विषयों और बातों की अधिकता है, क्योंकि इंसान सारा दिन सुनता है और फिर सूचनाओं के बोझ को लिए फिरता है। इसलिए हमें इससे बचना चाहिए। नामदेव ने कहा कि साधारण सा जीवन हर व्यक्ति को जीने का प्रयास करना चाहिए और जिम्मेदारियों की निर्वहन करते हुए परमात्मा पर यकीन जरूर रखना चाहिए। क्योंकि समय कुछ ही दिनों में बदल जाता है। नामदेव ने ज्योतिष को जीवन का मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि जब व्यक्ति संकटों से घिरता है, तब ज्योतिष की तरफ भागता है, जबकि होना इसका उल्टा चाहिए। जब व्यक्ति सुखी हो और उसे लगता है कि किस दिशा में मेहनत करनी चाहिए, उस समय भी ज्योतिष उतना ही काम आता है, जितना संकट में। लेकिन संकट के समय में परिस्थितियों को बदलने में ज्यादा वक्त लग जाता है। उन्होंने कहा कि ध्यान, मेहनत और लगन के साथ कार्य करना का सीधा सा तरीका है कि प्रत्येक व्यक्ति की बातों को गंभीरता से लेना हमें बंद कर देना चाहिए।