अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में डॉ. जुल्फिकार ने प्रस्तुत किया शोध पत्र

निसं 

भीमसर (नवयत्न)। गांव के युवा लेखक एवं चिंतक डॉ. जुल्फिकार ने मॉरीशस के वाकोस शहर में 15 जून को आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। शोध पत्र का विषय ‘स्वामी विवेकानंद चिंतन और रामकृष्ण मिशन मॉरीशस का अध्ययन’ था।

 

सेमिनार की अध्यक्षता प्रोफेसर एस. रामरत्नम, प्रोफेसर एम. मंजूर दाऊहू तथा स्वामी स्वरूपानंद ने की। इस दौरान विभिन्न देशों के शोधार्थियों ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए।

 

डॉ. जुल्फिकार के शोध पत्र में मॉरीशस में रामकृष्ण मिशन के इतिहास, विकास तथा समाज पर उसके प्रभाव का विश्लेषण किया गया। साथ ही यह भी दर्शाया गया कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक बने हुए हैं और विभिन्न देशों में सामाजिक एवं आध्यात्मिक चेतना को प्रेरित कर रहे हैं।

 

उनका यह मॉरीशस दौरा भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और विवेकानंद दर्शन को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी डॉ. जुल्फिकार बांग्लादेश, श्रीलंका तथा सिंगापुर में स्थित रामकृष्ण मठ एवं रामकृष्ण मिशन संस्थाओं पर शोध कार्य कर चुके हैं। इस अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में अनेक देशों के विद्वानों और शोधार्थियों ने भाग लिया।

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