27 सूत्रीय मांगों को लेकर बिजली कर्मियों ने किया विरोध प्रदर्शन

डी. के. सैनी
जयपुर (नवयत्न) । प्रदेशभर में विद्युत कंपनियों के अधीक्षण अभियंताओं के माध्यम से बुधवार को राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ बीएमएस ने ऊर्जा सचिव आरती डोगरा को 27 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। जयपुर में अधीक्षण अभियंता जेसीसी, जेपीडीसी एवं विद्युत प्रसारण जयपुर सिटी के माध्यम से प्रदर्शन रैली निकालकर मांगपत्र सौंपा गया।
संघ के पदाधिकारी यतेंद्र कुमार ने बताया कि लंबे समय से लंबित प्रमुख मांगों के समाधान के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि विद्युत क्षेत्र में फ्रेंचाइजी क्लस्टर एवं INViT मॉडल के नाम पर हो रहे निजीकरण को बंद किया जाए। इसके साथ ही वर्ष 2023 से लागू पुरानी पेंशन योजना के तहत कर्मचारियों से ईपीएस-95 (EPFO) में भेजी गई राशि की वसूली नहीं की जाए तथा जमा राशि वापस की जाए।
महासंघ ने आईटीआई तकनीकी कर्मचारियों को 3, 12, 21 और 30 वर्ष पर फिक्स टर्म योजना का नगद लाभ नियुक्ति तिथि के अनुसार चयन ग्रेड की तर्ज पर देने, विद्युत विभाग में नई भर्तियां करने तथा 132 एवं 33 केवी ग्रिड सब स्टेशनों पर इंजीनियरिंग सुपरवाइजर के पद सृजित करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा राज्य सरकार के कर्मचारियों की तरह आरजीएचएस योजना का पूर्ण लाभ लागू करने की भी मांग की गई।
संघ ने चेतावनी दी कि मांगों के निस्तारण के लिए शीघ्र उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जाए। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 20 मई 2026 को डिस्कॉम मुख्यालय और 10 जून 2026 को विद्युत भवन, जयपुर में विशाल रैली, धरना-प्रदर्शन व आंदोलन किया जाएगा। महासंघ ने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली औद्योगिक अशांति की पूरी जिम्मेदारी विद्युत प्रशासन की होगी।

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