चुनाव लड़ने की बात को लेकर बेरहमी पिता ने बेटे और बहू को बोलेरो जीप से कुचलकर उतारा मौत के घाट
निसं
तारानगर। तारानगर तहसील के चंगोई गांव में सरपंच का चुनाव लड़ने को लेकर एक परिवार में ऐसा विवाद हुआ कि दो लोगों की जान चली गई। 60 वर्षीय पिता ने अपने इकलौते बेटे और बहू को बोलेरो गाड़ी से कुचल दिया। चंगोई गांव में पिता के सरपंच चुनाव लड़ने को लेकर पिता और बेटे के बीच विवाद ने हत्याकांड का रूप ले लिया। मंगलवार रात गांव के रामचंद्र जाट ने अपने बेटे रविंद्र और बहू महेंद्र देवी को बोलेरो से कुचल कर बेरहमी से मार दिया. दोनों की मौके पर मौत हो गई. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस के मुताबिक शिशराम पुत्र दुलाराम जाति जाट निवासी मैलूसर, तहसील सरदारशहर जिला चूरू ने रिपोर्ट दी कि मेरी पुत्री महेन्द्र देवी (35) का विवाह आज से करीब 15 वर्ष पूर्व रविन्द्र (40) पुत्र रामचन्द्र जाति जाट निवासी चंगोई तहसील तारानगर जिला चूरू के साथ सम्पन्न हुई थी उक्त विवाह से एक पुत्री मितारीका उम्र 11 वर्ष है। मेरी पुत्री के ससूराल में उसके ससूर रामचन्द्र व पति रविन्द्र की काफी लम्बे समय से अनबन चली आ रही है।
मेरी पुत्री के ससुर रामचन्द्र का एक अन्य महिला से अवैध संबंध है जिस बात को लेकर मेरा दामाद अपने पिता रामचन्द्र को हमेशा ऐसे काम ना करने की सलाह देता था जिस कारण से रामचन्द्र अपने पुत्र रविन्द्र से काफी चिढता था और रविन्द्र की बहिन सुमन भी रविन्द्र से काफी रंजिस रखती थी तथा अपने पिता को हमेशा रविन्द्र के खिलाफ भड़काती रहती थी और रविन्द्र के ताउ का लड़का रामवीर पुत्र जयसिंह भी रविन्द्र को जान से मारने की धमकी देता रहता था क्योकिं मेरा दामाद रामवीर के 10 लाख रूपये मांगता था इसी अनबन के चलते कल दिनांक 13-14 अक्टूबर 2026 की रात्रि में करीब 12-1 बजे की बात है दोनो बाप-बेटे अपने धर्मकांटे पर बैठे थे, वही पर दोनों में चुनाव लडने की बात को लेकर आपस में बोल-चाल व गरमागरमी हो गई, जिस पर रविन्द्र ने कहा कि आपका गांव में चाल चलन ही ठीक नहीं है तो आपको कौन वोट देगा इस बात से नाराज होकर रामचन्द्र ने अपने बेटे रविन्द्र से धर्मकांटे पर ही लड़ना शुरू कर दिया
जिस पर मेरी बेटीमहेन्द्र देवी को झगड़े का पता चलने पर वह धर्मकांटे पर गई और दोनो का बीच बचाव करके मेरी बेटी महेन्द्र देवी अपने अपने पति रविन्द्र को समझाबुझाकर अपने साथ घर लेकर आने लगी, तो पिछे से रामचन्द्र व उसकी पत्नी धर्मा देवी जोर-जोर से बोल रहे थे कि आज या तो तू जिन्दा नहीं रहेगा या हम, इसी बात के गुस्से के चलते रामचन्द्र और उसकी पत्नी धर्मा देवी, जो अपने पास एक बोलेरो गाड़ी रखता है, अपनी उक्त बोलेरो गाड़ी जिसके रजिस्ट्रेशन नंबर-RJ 21 UB 8564 को लेकर मेरे जवाई व बेटी का पिछा करते हुए आये और जानबुझकर गुस्से में दोनों ने एक राय होकर हत्या करने की नियत से मेरे जवाई रविन्द्र व बेटी श्रीमती महेन्द्र के उक्त गाड़ी से टक्कर मार कर दी और फिर वापस गाड़ी को बैंक लेकर वापस उन दोनो के उपर से निकाल कर उनकी हत्या कर दी और मौके से उसी गाड़ी में गांव की तरफ चले गये।
उक्त घटना के समय मौके पर मेरी दोहिती मीतारिका जो अपनी माँ के पीछे-पीछे जा रही थी जब वह यादव धर्मकांटे के पास पहुंची तो उसने उक्त सारी घटना अपनी आँखो से देखी। मेरी दोहिती ने वहां पर अपने माता पिता को टक्कर लगी हुई व खून देखकर जोर जोर से रोने लगी और चिल्लाने लगी की दादा-दादी मेरे माँ बाप को मत मारों, रोला सुनकर मौके पर काफी लोग आ गये व पुलिस को सूचना दी जिस पर कुछ समय बाद मौके पर पुलिस आ गई और दोनो को तारानगर अस्पताल लेकर गये। मेरी बेटी महेन्द्र देवी व दामाद रविन्द्र की गाड़ी उपर से निकलने के कारण मौके पर मृत्यु हो गई। उक्त सारी घटना मुझे मेरी दोहिती ने आज मिलने पर मुझे बताई एवं घटनास्थल के आस-पास काफी सी.सी.टी.वी कैमेरे भी लगे हुए है जिनमें उक्त घटना रिकॉड हुई है।
पुलिस ने शीशराम की रिपोर्ट से मामला जुर्म अन्तर्गत धारा 103 (1), 351(3), 61(2) BNS के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया व पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवा उन्हें परिजनों को सौंप कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना की जांच कर रही है. रविंद्र गांव में ही ई-मित्र की दुकान चलाता था. उसकी पत्नी महिंद्रा गृहिणी थी. दोनों की 11 साल की एक बेटी है. इस घटना में बच्ची ने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया। चंगोई गांव को नई ग्राम पंचायत का दर्जा मिला है. इसके बाद से ही रामचंद्र सरपंच का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था. परिवार के लोग उसे बार-बार समझाते थे कि इस उम्र में चुनाव लड़ने की जरूरत नहीं है. लेकिन चुनाव लड़ने की उसकी जिद के कारण घर में लगातार विवाद हो रहा था. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।