किसानों ने चार सूत्री मांगों के साथ आरयूबी निर्माण की मांग उठाई
ललित दाधीच
राजलदेसर (नवयत्न)। भारतीय किसान संघ तहसील इकाई राजलदेसर के नेतृत्व में किसानों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं जिला कलक्टर के नाम तहसीलदार प्यारेलाल चावला को ज्ञापन सौंपकर किसान हित से जुड़ी विभिन्न मांगों के समाधान की मांग की। किसानों ने बाजरा की एमएसपी पर तत्काल खरीद शुरू करने, दूध के खरीद भाव एवं सरकारी बोनस में वृद्धि, रबी फसल के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने तथा भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा देने की मांग उठाई। ज्ञापन में किसानों ने बताया कि सरकार द्वारा बाजरा का एमएसपी 2900 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जबकि मंडी में किसानों को करीब 1900 से 2000 रुपए प्रति क्विंटल भाव मिल रहा है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने एमएसपी पर तत्काल खरीद केंद्र शुरू करने अथवा भावांतर योजना लागू करने की मांग की। किसानों ने पशु आहार की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरस डेयरी का दूध खरीद भाव बढ़ाने, सरकारी बोनस में वृद्धि करने तथा दूध का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने की मांग भी की। वहीं रबी की बुआई के मद्देनजर यूरिया एवं डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता, वितरण व्यवस्था की प्रभावी निगरानी तथा खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन में हाईवे एवं एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों को डीएसी दर के बजाय बाजार भाव के अनुरूप उचित मुआवजा देने की मांग भी रखी गई।
आरयूबी निर्माण की मांग
किसानों ने राजलदेसर-रतनगढ़ के बीच बीकानेर-रतनगढ़ रेलखंड पर किमी 340/7-8 एवं 340/5-6 के मध्य रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) निर्माण के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भिजवाने की मांग की। किसानों ने बताया कि भरपालसर, भावनदेसर सहित आसपास के गांवों के अनेक किसानों के खेत रेलवे लाइन के दोनों ओर स्थित हैं। ब्रॉडगेज लाइन बनने के बाद रेलवे ट्रैक की ऊंचाई बढ़ने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हुआ है। किसानों के अनुसार आबडसर, छाजूसर, भावनदेसर एवं गोपालपुरिया सहित आसपास के ग्रामीणों को खेतों तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। कई किसान मजबूरी में रेलवे ट्रैक पार कर खेतों तक पहुंचते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने जनहित एवं सुरक्षा को देखते हुए प्रस्तावित स्थान पर आरयूबी निर्माण की मांग की। किसानों ने कहा कि भारतीय किसान संघ विकास का विरोधी नहीं है, लेकिन विकास की कीमत किसान को नहीं चुकानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से सभी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कर किसानों एवं ग्रामीणों को राहत दिलाने की मांग की। इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के चूरू जिला अध्यक्ष मुकेश रामपुरा, तहसील अध्यक्ष बिरदीचंद प्रजापत, तहसील मंत्री कृष्ण गोपाल शर्मा बंडवा, तहसील उपाध्यक्ष दौलतसिंह बंडवा, पन्नालाल मेघवाल, शंकरलाल नायक, राहुल शेखावत, ओमप्रकाश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।