फायरकर्मी प्रदीप का राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार, नम आंखों से दी अंतिम विदाई
निसं
बिसाऊ (नवयत्न)। जोधपुर अग्निकांड में ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से झुलसे फायरकर्मी प्रदीप का मंगलवार को उनके पैतृक गांव दुलचास में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। महज 22 वर्ष की उम्र में प्रदीप की मौत से परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पांच भाइयों में सबसे छोटे प्रदीप का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मां और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। प्रदीप के पार्थिव शरीर को बिसाऊ से उनके पैतृक गांव दुलचास तक अंतिम यात्रा के रूप में ले जाया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्र के लोग शामिल हुए। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां, बाइक और अन्य वाहनों का लंबा काफिला साथ चला। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। अंतिम यात्रा के दौरान पूरा माहौल गमगीन रहा। लोग हाथों में तिरंगा और फूल लेकर प्रदीप को अंतिम विदाई देने पहुंचे। कई जगह लोगों ने रुककर श्रद्धांजलि दी। अंतिम यात्रा में प्रदीप अमर रहे और जब तक सूरज चांद रहेगा, प्रदीप तुम्हारा नाम रहेगा जैसे जयकारे भी गूंजते रहे।
पूर्व सांसद नरेंद्र खिचड़ ने दिया कंधा
दुलचास पहुंचने के बाद परिजनों ने परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम क्रिया की। इसके बाद तिरंगे के सम्मान के साथ प्रदीप की अंतिम यात्रा श्मशान भूमि के लिए रवाना हुई। पूर्व सांसद नरेंद्र खिचड़ ने भी प्रदीप के पार्थिव शरीर को कंधा दिया और पुष्पहार अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। श्मशान भूमि पर फायर ब्रिगेड के अधिकारी-कर्मचारियों और अन्य लोगों ने प्रदीप को पुष्प अर्पित कर अंतिम विदाई दी।
पानी की फुहारों और हॉर्न बजाकर दी अंतिम सलामी
दिवंगत फायरकर्मी के सम्मान में फायर ब्रिगेड की ओर से विशेष सलामी दी गई। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों से पानी की फुहारें छोड़कर प्रदीप को अंतिम सलामी दी गई। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड के वाहनों के हॉर्न बजाकर भी अपने दिवंगत साथी को श्रद्धांजलि दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार को तिरंगा सौंपा गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, फायर ब्रिगेड के अधिकारी-कर्मचारी और क्षेत्र के लोग मौजूद रहे।