हलवाई कैटरर्स समिति चुनाव : हनुमान गुर्जर के समर्थन में लामबंद हुए सदस्य

निसं
जयपुर (नवयत्न)। जयपुर हलवाई कैटरर्स कल्याण समिति के वार्षिक चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। 2 सितंबर को जनउपयोगी भवन आरपीए रोड पर जयपुर में होने वाले इस चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी हनुमान गुर्जर का पलड़ा फिलहाल भारी नजर आ रहा है। नामांकन के दौरान बड़ी संख्या में समिति सदस्यों और समर्थकों की मौजूदगी ने गुर्जर के बढ़ते समर्थन का संकेत दिया। गौरतलब है कि अध्यक्ष पद पर हनुमान गुर्जर और रामेश्वर कसाना के बीच मुकाबला है। इसी कडी में सोमवार को जय क्लब एमआई रोड के पास गोकुल निवास मैरिज गार्डन में हनुमान गुर्जर के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन हुआ। इसके बाद गुर्जर समर्थकों के साथ ढोल-ताशों की धुन पर रैली के रूप में समिति कार्यालय पहुंचे और नामांकन दाखिल किया। जहां रास्ते में सांगानेर, ट्रांसपोर्ट नगर, राजा पार्क और जौहरी बाजार सहित विभिन्न क्षेत्रों में समिति से जुड़े लोगों ने उनका स्वागत किया। समर्थकों की मौजूदगी और उत्साह को गुर्जर के पक्ष में बढ़ते समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।
सदस्यों की समस्याओं को प्राथमिकता का भरोसा
हनुमान गुर्जर ने कहा कि वे चुनाव किसी व्यक्तिगत पद के लिए नहीं, बल्कि समिति सदस्यों के भरोसे और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हलवाई और कैटरिंग से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता होगी। गुर्जर ने रात के समय काम करने वाले कर्मचारियों की परेशानियों का उल्लेख करते हुए हलवाई कारखानों के संचालन का समय रात 12 बजे तक निर्धारित कराने के लिए प्रयास करने की बात कही। साथ ही समिति के किसी सदस्य के साथ दुर्घटना होने पर बीमा व्यवस्था सुनिश्चित कराने का भी भरोसा दिलाया।
लगातार संपर्क में जुटे समर्थक
नामांकन के बाद हनुमान गुर्जर और उनके समर्थक समिति सदस्यों से लगातार संपर्क कर समर्थन जुटाने में लगे हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में हुए स्वागत कार्यक्रमों और नामांकन के दौरान जुटी भीड़ ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। समिति के सदस्यों के बीच गुर्जर की सक्रियता और उनके मुद्दों को लेकर चर्चा तेज हो गई और अध्यक्ष पद की दौड़ में हनुमान गुर्जर आगे नजर आ रहे है। इस अध्यक्ष पद पर मुकाबला अब दो प्रत्याशियों के बीच है। लेकिन नामांकन के दौरान दिखाई दिया समर्थन और विभिन्न क्षेत्रों में हुए स्वागत से गुर्जर की मजबूत स्थिति के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि अंतिम फैसला 2 सितंबर को मतदान के बाद ही होगा।

You might also like