नगर पालिका में भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा बवाल, किसानों ने जड़ा ताला
ललित दाधीच
राजलदेसर (नवयत्न) । राजलदेसर नगर पालिका में कथित करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार और ग्रेवल सड़कों में अनियमितताओं को लेकर शुक्रवार को किसानों और सामाजिक संगठनों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। सैकड़ों ग्रामीणों ने नगर पालिका कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ते हुए जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। करीब 6 घंटे तक चले हाई वोल्टेज हंगामे के बाद प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता हुई, जिसके बाद सहमति बनी। धरने में अखिल भारतीय किसान सभा, कामगार समाज, भीम आर्मी, मेघवाल समाज सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में नगर पालिका में भारी भ्रष्टाचार हुआ है और विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। विशेष रूप से ग्रेवल सड़कों के निर्माण में बड़े स्तर पर अनियमितताओं को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। धरने को संबोधित करते हुए कॉमरेड भादर भामू ने कहा कि सरकार विकास के लिए करोड़ों रुपए भेजती है, लेकिन यहां सत्ता से जुड़े लोग फर्जी बिलों के जरिए सरकारी राशि का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटिया निर्माण कार्यों के कारण जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लाभचंद सोनी ने कहा कि भ्रष्टाचार के मुद्दे को लंबे समय से प्रशासन और सरकार के सामने उठाया जा रहा है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अब जनता जाग चुकी है और आने वाले चुनाव में भ्रष्टाचार का जवाब देगी। धरने के दौरान आक्रोशित लोगों ने नगर पालिका कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया, जिससे करीब तीन घंटे तक कर्मचारी कार्यालय के अंदर ही रहे। मौके पर तहसीलदार हरदीप सिंह, कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी सहदेव चारण, कनिष्ठ अभियंता सुनील मंडार सहित भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा। मामला बढ़ने पर उपखंड अधिकारी मिथिलेश कुमार मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। प्रशासन ने ग्रेवल सड़कों और अन्य विकास कार्यों की जांच के लिए कमेटी गठित करने की घोषणा की। इस कमेटी में पीडब्ल्यूडी के तीन अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहेंगे, जो सात दिनों में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।सहमति बनने के बाद नगर पालिका के मुख्य गेट का ताला खोला गया और धरना समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए रतनगढ़ विधानसभा क्षेत्र में विकास राशि रोकने की भी अपील की। इस अवसर पर भगवान दास स्वामी , भीम आर्मी अध्यक्ष श्रवण बारुपाल , मेघवाल महासभा के अध्यक्ष कालूराम तंवर , कामगार समाज के अध्यक्ष जयचंद महावर , मांगीलाल प्रजापत सहित आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे।