अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस विशेष
निसं
बुगाला (नवयत्न) । बदलते दौर में जहां संयुक्त परिवार धीरे-धीरे टूटते नजर आ रहे हैं, वहीं कॉमरेड की ढाणी तन बुगाला के किसान नेता सुभाष बुगालिया और उनके बड़े भाई हवलदार शीशराम बुगालिया आज भी परिवार की एकता और भाईचारे की मिसाल बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस पर इन दोनों भाइयों की कहानी समाज के लिए प्रेरणा का संदेश देती है।
दोनों भाई बचपन से लेकर आज तक एक ही परिवार में मिलजुल कर रह रहे हैं। खेती-किसानी से लेकर सामाजिक जिम्मेदारियों तक हर काम में दोनों ने हमेशा एक-दूसरे का साथ निभाया। गांव में लोग इन्हें आपसी प्रेम, सम्मान और सहयोग की मिसाल के रूप में देखते हैं।
हवलदार शीशराम बुगालिया ने देश सेवा करते हुए सेना में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं, वहीं सुभाष बुगालिया किसान हितों और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। परिवार के सभी निर्णय आज भी आपसी सहमति और बड़े-बुजुर्गों के सम्मान के साथ लिए जाते हैं।
सुभाष बुगालिया ने बताया कि परिवार की मजबूती आपसी विश्वास, संस्कार और त्याग से बनी रहती है। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार में रहने से बच्चों को अच्छे संस्कार मिलते हैं और बुजुर्गों को सम्मान मिलता है।
ग्रामीणों का कहना है कि आज के समय में जब छोटी-छोटी बातों पर परिवार अलग हो जाते हैं, ऐसे में बुगालिया परिवार समाज के लिए प्रेरणा है। अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस पर गांव में भी लोगों ने इस परिवार की एकता की सराहना की।