थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या मामले में जवानों ने की स्थानातंरण की मांग

मांगे मान लेने पर शव सौंपा परिजनों को, धरना समाप्त

सादुलपुर,(राजेश राजपूत)24 मई। थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या मामले में रात भर नेताओं का धरना जारी रहा तथा समय-समय पर पुलिस के उच्च अधिकारी नेताओं से वार्ता करते रहे। विश्नोई के परिवारजनों से वार्ता के बाद समझौता हो गया तथा परिवार के लोगों ने शव ले लिया।

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं प्रतिपक्ष नेता राजेंद्र सिंह राठौड़, भाजपा नेता रामसिंह कस्वा, सांसद राहुल कसवा, बसपा नेता मनोज न्यांगली तथा विश्नोई के परिवार के सदस्यों के साथ हुई वार्ता में आत्महत्या मामले की राजस्थान के उच्च के न्यायाधीश से जांच करवाने, विश्नोई के परिवार के बच्चों को नौकरी देने, पुलिस प्रशासन विभाग की ओर से मदद करने, सोशल मीडिया पर लगाई गई पोस्ट और कमेंटों की जांच करवाने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने, मामले में आत्महत्या के लिए लिए प्रेरित करने एवं धारा 306 में मामला दर्ज करने, थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई की पुलिस थाने में प्रतिमा लगाने आदि मुद्दों पर सहमति बनने के बाद मामले का निस्तारण हो गया।

समझौते के बाद पुलिस थाने में रखें विश्नोई के शव को सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां पुलिस सुरक्षा में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। इससे पहले पुलिस अधिकारियों, पुलिस जवानों तथा जनप्रतिनिधियों सहित स्थानीय नेताओं ने उनको श्रद्धांजलि अर्पित की एवं पुलिस प्रशासन की ओर से गार्ड ऑफ सलामी दी गई। पुलिस के जवानों ने नम आंखों से श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

जवानों ने की स्थानांतरण की मांग
पुलिस थाने में नियुक्त जवान और अधिकारियों ने आई जी को ज्ञापन सौंपकर बताया कि थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई की ओर से आत्महत्या मामले के बाद उनमें भय का माहौल बना हुआ है तथा आए दिन और रोजमर्रा की ड्यूटी के दौरान छोटी-छोटी बातों को लेकर विधायक डॉक्टर कृष्णा पूनिया और उनके कार्यकर्ता झूठी और तथ्य विहीन शिकायतें पुलिस के उच्च अधिकारियों को करते रहते हैं। हाल ही में हैड कांस्टेबल सज्जन कुमार, इंद्र कुमार, कॉस्टेबल राजेश कुमार, मनोज कुमार की झूठी शिकायतें की थी जिसके कारण पुलिस के उच्च अधिकारियों ने उनको तुरंत प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। ऐसी स्थिति से मन में भय का माहौल बन गया है तथा विश्नोई आत्महत्या के बाद तो उनका मनोबल टूट चुका है। ज्ञापन में बताया कि उनका स्थानांतरण किसी दूसरी जगह कर दिया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो ज्ञापन में जवानों ने शीघ्र स्थानांतरण करवाने की मांग की है।

धरना समाप्त
थाना अधिकारी की ओर से आत्महत्या के बाद पुलिस थाने के सामने चल रहा धरना स्थगित कर दिया गया है। वही नेताओं ने बताया कि कोई समझौता वार्ता अनुसार निश्चित समय में मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो पुन: आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।

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