बुहाना के रामसर-पचेरी खुर्द में चला जेसीबी का पंजा

मधु दहिया
बुहाना (नवयत्न)। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बुहाना क्षेत्र में गैर मुमकिन जोहड़ की जमीन पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। बुधवार को रामसर और पचेरी खुर्द गांव में प्रशासन ने जेसीबी चलाकर चिह्नित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। दोनों गांवों में कुल 122 छोटे-बड़े अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। सुबह बुहाना तहसीलदार बाबूलाल जाट के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम रामसर पहुंची। कार्रवाई के दौरान करीब 10 पटवारी-गिरदावर और 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहे। रामसर से शुरू हुई कार्रवाई पचेरी खुर्द तक पहुंची। करीब साढ़े चार घंटे तक चली कार्रवाई से दोनों गांवों में हलचल रही।
5 अक्टूबर को एसडीएम की हाईकोर्ट में पेशी
दरअसल, हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल को गैर मुमकिन जोहड़ की जमीन से अतिक्रमण हटाने और संबंधित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। करीब पांच महीने बाद भी आदेश की पूरी पालना नहीं होने पर हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने बुहाना एसडीएम को 5 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए हैं।
शीशराम की याचिका से शुरू हुआ मामला
मामले की शुरुआत शीशराम की ओर से सिंघाना नायब तहसीलदार न्यायालय में दायर वाद से हुई थी। इसमें गैर मुमकिन जोहड़ की जमीन पर कथित अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने की मांग की गई थी। नायब तहसीलदार न्यायालय ने मामले में अतिक्रमण मानते हुए संबंधित लोगों को बेदखली के आदेश जारी किए थे। कार्रवाई में देरी के बाद शीशराम ने हाईकोर्ट का रुख किया।
पहले दिए गए थे नोटिस
तहसीलदार बाबूलाल जाट के अनुसार, दोनों गांवों में चिह्नित अतिक्रमियों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके थे। मुनादी करवाकर भी अतिक्रमण हटाने के लिए लोगों को आगाह किया गया था। हाईकोर्ट और नायब तहसीलदार न्यायालय के आदेशों की पालना में अब कार्रवाई की जा रही है।

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