डाइट झुंझुनू के नवाचारों से रूबरू हुई झारखंड की टीम, 21वीं सदी के रिसोर्स सेंटर की सराहना
सुरेन्द्र शर्मा
झुंझुनू (नवयत्न)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को कक्षा-कक्ष तक प्रभावी रूप से पहुंचाने और शिक्षक प्रशिक्षण में नवाचारों को बढ़ावा देने की दिशा में डाइट झुंझुनू द्वारा किए जा रहे प्रयासों का झारखंड शिक्षा विभाग की टीम ने अवलोकन किया। टीम ने डाइट परिसर स्थित 21वीं सदी के रिसोर्स एवं वेलनेस सेंटर का विजिट कर वहां उपलब्ध संसाधनों, प्रशिक्षण गतिविधियों और नवाचार आधारित कार्यों की जानकारी ली। डाइट प्रधानाचार्य सुमित्रा झाझडिय़ा ने टीम का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में शिक्षा का उद्देश्य केवल विषयगत ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, संवाद, सहयोग, जीवन कौशल और भावनात्मक स्वास्थ्य जैसी क्षमताओं का विकास करना भी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए डाइट में शिक्षक प्रशिक्षण को आधुनिक जरूरतों से जोडऩे के प्रयास किए जा रहे हैं। डाइट के प्रभागाध्यक्ष प्रमेन्द्र कुल्हार ने सेंटर की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य शिक्षकों और विद्यार्थियों को तकनीक, नवाचार, जीवन कौशल और वेलनेस से जोडऩा है। उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 की भावना के अनुरूप शिक्षण को विद्यार्थी-केंद्रित, अनुभवात्मक और कौशल आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रभागाध्यक्ष दीपेन्द्र बुडानिया ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब उसके प्रावधान कक्षा-कक्ष की वास्तविक शिक्षण प्रक्रिया में नजर आएं। इसी दिशा में डाइट द्वारा शिक्षक प्रशिक्षण और अकादमिक सहयोग के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है। झारखंड से पहुंची टीम ने सेंटर की गतिविधियों और उपलब्ध संसाधनों का अवलोकन किया तथा डाइट के प्रयासों को उपयोगी बताया। विजिट के दौरान डिजिटल शिक्षा, तकनीकी नवाचार, शिक्षक प्रशिक्षण, वेलनेस और अनुभवात्मक अधिगम सहित एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर झारखंड टीम की रणजीता गांधी, पिरामल फाउंडेशन के राजेंद्र सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।