धर्म की रक्षा के लिए भगवान श्री कृष्ण, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने अवतार लिया
निसं
खेतड़ी नगर (नवयत्न) । केसीसी के सनातन धर्म मंदिर में पुरूषोतम मास के उपलक्ष्य में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन गुरूवार को कथा वाचक श्रीधाम बरसाना वाले पंडित बिशम्भर दयाल महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया। पंडित बिशम्भर दयाल महाराज ने कहा कि जब-जब भी धरती पर आसुरी शक्ति हावी हुईं, परमात्मा ने धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेकर पृथ्वी पर धर्म की स्थापना की। मथुरा में राजा कंस के अत्याचारों से व्यथित होकर धरती की करुण पुकार सुनकर नारायण ने कृष्ण रुप में देवकी के अष्टम पुत्र के रूप में जन्म लिया और धर्म और प्रजा की रक्षा कर कंस का अंत किया। उन्होंने कहा कि जीवन में भागवत कथा सुनने का सौभाग्य मिलना बड़ा दुर्लभ है। जब भी हमें यह सुअवसर मिले, इसका सदुपयोग करना चाहिए। कथा सुनते हुए उसी के अनुसार कार्य करें। कथा का सुनन तभी सार्थक होगा। जब उसके बताए हुए मार्ग पर चलकर परमार्थ का काम करें। कथा के दौरान रामकथा का संक्षिप्त में वर्णन करते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने धरती को राक्षसों से मुक्त करने के लिए अवतार धारण किया। कथा में कृष्ण जन्म का वर्णन सुन कर श्रद्धांलू खुशी से झूम उठे। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म की खुशियां मनाई। इस मौके पर मंदिर मंत्री विमल शर्मा, पंडित सुमन तिवाड़ी, आचार्य गोविंद दास महाराज, नरेश, मोनू, बिमला, मीना, मुकेश, बेला जोशी, कृष्णा, लक्ष्मी कुमारी, विष्णू कंवर, अनिता, इंद्रामणी, पार्वती सोनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भागवत कथा का आनंद लिया।