मदीना कुरैशी रोजा रखकर 12 घंटे ड्यूटी कर कोरोना योद्धा बनकर राष्ट्र सेवा में जूटी

झुंझुनूं,(अश्वनी शर्मा)14 मई। देश की रक्षा में अग्रणी रहने वाले झुंझुनूं जिले के केड गांव की बेटी तथा गुढ़ा की बहू कुरैश समाज की बेटी मदीना कुरैशी नर्स ग्रेड-2 गर्मी के मौसम तथा रमजान के पवित्र महीने में 14 घंटे भूखी प्यासी तथा बिना खाए-पीए रहकर रोजा रखकर कोरोना योद्धा बनकर कोरोना मरीजों की सेवा कर रही है। मदीना कुरैशी जयपुर के रेड जोन एरिया में होने के बावजूद भी वह राजकीय महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट जयपुर में कोरोना पीडि़तों के उपचार में जुटी है। मदीना कोरोना रैपिड रिस्पोंस टीम के साथ लगातार दो महीने से ड्यूटी कर कोरोना योद्धा बनकर राष्ट्र सेवा व संक्रमितों का इलाज कर रही है। कोरोना पीडि़तों का इलाज करते समय पूरी सावधानी बरतने के बावजूद भी नर्सिंग स्टाफ पर खतरा बना रहता है। मुस्लिम समाज में एक धारणा बनी हुई है लडक़ी पढ़-लिखकर क्या करेगी। मदीना बानो इस धारणा को तोड़ते हुए आगे बढ़ी नर्सिंग ट्रेनिंग के दौरान काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा लेकिन मदीना बानो की इस संकट की घड़ी में सास मोबीना बानो व पति जाकिर कुरैशी ने हौंसला बढ़ाकर कुरैश समाज में एक नई मिशाल पेश की है। मदीना कुरैशी पिछले लगातार दो माह से अपने परिवार से दूर रहकर राष्ट्र सेवा में महत्त्वपूर्ण योगदान निभा रही है। मदीना के दो बच्चे गुढा गांव में रहते है व पति विदेश में नौकरी करते हैं। वह अपने बच्चों व पति से बात करने के लिए वीडियो कॉल का सहारा लेती हैं।

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