मध्यस्थता अभियान 2.0 में 40 वर्षों से लम्बित मामले का राजीनामे से हुआ निपटारा

चूरू (दैनिक नवयत्न )। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली व राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर, के निर्देशन में चलाये जा रहे मध्यस्थता अभियान 2.0 के अंतर्गत शुक्रवार को चूरू जिले में 40 वर्षों से लंबित प्रकरण का आपसी सहमति से सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।

प्राधिकरण सचिव डॉ शरद कुमार व्यास ने बताया कि प्रकरण तुलसीराम वगैरह बनाम परमेश्वरलाल वगैरह दीवानी वाद संख्या 39/1986 (31/1986) से संबंधित था, जो वर्ष 1986 से न्यायालय में विचाराधीन था। प्रकरण में विभिन्न चरणों में सुनवाई, अपील, स्थगन आदेश तथा उच्च न्यायालय स्तर तक कार्यवाही चली। दिनांक 22 जनवरी, 2026 को प्रकरण को मध्यस्थता हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चूरू को संदर्भित किया गया। इसके पश्चात दिनांक 29 जनवरी, 2026 को मध्यस्थता के दौरान दोनों पक्षकारों के बीच आपसी सहमति सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसकी रिपोर्ट न्यायालय को प्रेषित की गई।

उन्होंने बताया कि मध्यस्थता कार्यवाही के सफल होने पर न्यायालय द्वारा पक्षकारों के बीच हुए राजीनामें के आधार पर प्रकरण का अंतिम रूप से निस्तारण किया गया। यह निस्तारण न केवल पक्षकारों के लिए राहतकारी सिद्ध हुआ बल्कि यह मध्यस्थता प्रक्रिया की प्रभावशीलता, त्वरित न्याय और सौहार्दपूर्ण समाधान का उत्कृष्ट उदाहरण भी है। इस प्रकार 40 वर्ष से लंबित चल रहे प्रकरण मध्यस्थता के माध्यम से सहजता से निपटाया गया एवं पक्षकारों के मध्य विवाद एवं रंजिश का समूल अंत हुआ।
सचिव डॉ व्यास ने बताया कि मध्यस्थता से निपटाये गये प्रकरण में आगे कोई अपील या अन्य कार्यवाही भी नही होती है, और ऐसे निपटे मामले की न्यायालय शूल्क भी मामला पेश करने वाले पक्षकार को लौटा दी जाती है।

उन्होंने बताया कि नालसा द्वारा चलाए जा रहे मध्यस्थता अभियान 2.0 का उद्देश्य वर्षों से लंबित मामलों को शीघ्र, सुलभ एंव आपसी सहमति से समाधान करना है उक्त प्रकरण का निस्तारण इस अभियान की सफलता को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि आज दिनांक तक इस अभियान में चूरू न्याय क्षेत्र में अभी तक माननीय न्यायालयों द्वारा कुल 1993 प्रकरणों को रैफर किया गया। जिनमें से 113 प्रकरणों में मध्यस्थता कार्यवाही सफल रही है। मध्यस्थता अभियान 1.0 जो कि गत वर्ष 2025 के माह जुलाई से सितम्बर माह तक संचालित किया गया था, में चूरू जिला राजस्थान राज्य में राजीनामे के माध्यम से निपटाये गये प्रकरणों की सूची में अग्रणी रहा था। में चूरू न्याय क्षेत्र में कुल 5838 प्रकरणों को रैफर किया गया था जिनमें से 781 प्रकरणों में मध्यस्थता कार्यवाही सफल रही।

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