359 रोगियों का हुआ मोबाइल ओपीडी में इलाज
शनिवार को जिले के 12 गांवों में लगे शिविर
सीकर,(जी एल सैनी)9 मई। आमजन के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल ओपीडी यूनिट सेवा जीवनदायनी साबित हो रही है। इसके तहत शनिवार को जिले के 12 गांवों में शिविर लगाए और रोगियों का चिकित्सकों ने उपचार कर निशुल्क दवाइयां दी। मोबाइल ओपीडी यूनिट के माध्यम से लोगों को अपने गांव, ढाणी में ही चिकित्सकीय परामर्श, उपचार व निशुल्क दवा की सेवाएं उपलब्ध हो रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अजय चौधरी ने बताया कि शनिवार को जिले के 12 गांवों में लगाए शिविरों में 122 पुरूष, 192 महिलाएं और 45 बच्चों का मोबाइल ओपीडी यूनिट सेवा के तहत उपचार किया गया। इस दौरान 40 गर्भवती महिलाओं के भी स्वास्थ्य की जांच की गई। गांवों में लगे शिविर में 106 लोग खांसी से पीडि़त पाए गए। वहीं 4 बुखार, 9 मधूमेह और 17 हाइपर टेंशन की बीमारी से ग्रसित पाए गए। इन सभी रोगियों का उपचार कर निशुल्क दवा उपलब्ध करवाई गई है।
सीएमएचओं डॉ चौधरी ने बताया कि कोविड 19 संक्रमण और लोकडाउन को देखते हुए जिन गांवो में चिकित्सा सेवाओं की पहुंच कम है। वहीं लोकडाउन के कारण आमजन अस्पताल नहीं पहुंच सकते हैं, उन गांवो में लोगों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार की ओर से मोबाइल ओपीडी यूनिट वाहन सेवा शुरू की है। इसके तहत विभाग की एमएमवी व एमएमयू द्वारा आमजन को प्राथमिक चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई गई।
उन्होंने बताया कि दांता ब्लॉक के लिखमा का बास गांव लगे शिविर में 27 और जाखड़ की ढाणी में लगे शिविर में 25 रोगियों का उपचार किया गया। वहीं पिपराली ब्लॉक के गुमानों का बास में लगे शिविर में 24 रोगियों का उपचार किया गया। वहीं कूदन ब्लॉक के भैरूपुरा में लगे शिविर में 15 और कदमा बास में लगे शिविर में 21 रोगियों का उपचार किया गया।
सीएमएचओं डॉ चौधरी ने बताया कि लक्ष्मणगढ़ के भोजासर छोटा में लगे शिविर में 22 तथा पंचारा की ढाणी में लगे शिविर में 30 रोगियों का उपचार किया गया। फतेहपुर ब्लॉक में नरसरा मिडिल स्कूल में शिविर में 35 और नरसरा चौक में लगे शिविर में 21 रोगियों का उपचार किया गया। खण्डेला ब्लॉक के सुजाना में 57 और समर्थपुरा में लगे शिविर में 47 रोगियों का उपचार किया गया। श्रीमाधोपुर ब्लॉक के गिडावल में लगे शिविर में 35 रोगियों का उपचार किया गया।