चुनाव टाले तो फंसे अफसर, हाईकोर्ट का अवमानना नोटिस
डी. के. सैनी
जयपुर (नवयत्न)। राजस्थान हाई कोर्ट ने अदालती आदेश के बावजूद प्रदेश की ग्राम पंचायतों और निकायों के चुनाव 15 अप्रैल तक नहीं कराने पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह और आयोग के सचिव राजेश वर्मा को अवमानना नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
एक्टिंग मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने यह आदेश पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की ओर से दायर अवमानना याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के दौरान दिए।
सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार चुनाव की तय समय सीमा आगे बढ़ाने के लिए प्रार्थना पत्र पेश कर रही है। इस पर कोर्ट ने कड़ा रुख दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिया।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पुनीत सिंघवी ने दलील दी कि राज्य सरकार जानबूझकर पंचायत और निकाय चुनाव टाल रही है, जो अदालत के आदेश की अवमानना है। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को सरकार को निर्देश दिया था कि 15 अप्रैल 2026 तक चुनाव कराए जाएं और 31 दिसंबर 2025 तक परिसीमन प्रक्रिया पूरी की जाए।
इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, लेकिन सर्वोच्च अदालत ने भी हस्तक्षेप से इनकार करते हुए तय समय सीमा में चुनाव कराने की बात कही थी। इसके बावजूद राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम में 22 अप्रैल तक अंतिम मतदाता सूची जारी करने का प्रावधान रखा गया है, जिससे तय समय में चुनाव कराना संभव नहीं दिख रहा।
याचिकाकर्ता ने पूर्व में भी राज्य सरकार और आयोग को नोटिस भेजकर समय पर चुनाव कराने की मांग की थी। अब कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए अफसरों से जवाब तलब किया है।